शिमला, सुरेंद्र राणा:हिमाचल प्रदेश में पांच से कम विद्यार्थियों की संख्या वाले प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों को मर्ज या डाउनग्रेड किया जाएगा। इस संबंध में शिक्षा विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर मुख्यमंत्री की मंजूरी के लिए भेज दिया है। नए शैक्षणिक सत्र के दौरान इन स्कूलों में नाममात्र ही दाखिले हुए हैं। प्रदेश में चल रही पंचायतीराज चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने के बाद कैबिनेट बैठक में इन स्कूलों को लेकर फैसला होगा। प्रदेश के विभिन्न जिलों में 75 विद्यार्थियों से कम नामांकन वाले 11 कॉलेज भी बंद करने की तैयारी है।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बुधवार को राज्य सचिवालय में मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि जिन स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या पांच से कम है, उन्हें नजदीकी स्कूलों में समायोजित करने का प्रस्ताव रखा गया है। उन्होंने कहा कि इसका मकसद शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना और उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है। बता दें, प्रदेश सरकार पहले ही कम या शून्य नामांकन वाले स्कूलों पर कार्रवाई कर चुकी है। बीते अप्रैल में शून्य नामांकन वाले 24 प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल बंद किए गए थे, जबकि 27 मार्च को 36 प्राइमरी स्कूलों को भी बंद किया गया था।
अब अगला कदम कम छात्र संख्या वाले स्कूलों के विलय का है। स्कूलों के साथ उच्च शिक्षा संस्थानों में भी बड़े बदलाव की तैयारी है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि इस शैक्षणिक सत्र में दाखिला प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिन कॉलेजों में 75 से कम विद्यार्थी होंगे, उन्हें भी बंद किया जाएगा या उनकी व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा। अभी ऐसे 11 कॉलेज चिन्हित किए गए हैं।
