शिमला, सुरेंद्र राणा: प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनावी महादंगल के लिए आज से नामांकन प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। ऐसे में राज्य की 3754 पंचायतों में चुनावी माहौल पूरी तरह से गर्म हो गया है। इस बार के चुनावों में राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में यह भी देखने को मिला है कि सरकारी संस्थाओं से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारी भी पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में अपनी दावेदारी साबित कर चुनाव मैदान में उतर चुके हैं।इस बार 31182 पदों के लिए यह चुनाव होने जा रहे हैं। मैदानी हकीकत की बात की जाए, तो जिला परिषद के सहित पंचायत स्तर पर राजनीतिक आकाओं के इशारे पर ही प्रधान-उपप्रधान तक के उम्मीदवार उतारे जा रहे हैं। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पंचायत स्तर पर पूरी तरह से सक्रिय हैं। हालांकि नामांकन प्रक्रिया सात, आठ और 11 मई को पूरी होगी, लेकिन बतौर आजाद उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतरने वाले उम्मीदवारों ने कांग्रेस और भाजपा के खेल को जरूर बिगाड़ दिया है। पंचायती राज संस्थाओं की त्रिस्तरीय प्रणाली में कुल 31214 पदाधिकारियों का चुनाव होना है, जिसमें 21678 पंचायत सदस्य, 3754 पंचायत प्रधान और उपप्रधान, 1769 पंचायत सदस्य तथा 251 जिला परिषद सदस्य शामिल हैं।सत्ता का सेमीफाइनल तय करेगा विधानसभा की राहराज्य की 3754 पंचायतों में होने वाले यह चुनाव राज्य की सत्ता का सेमीफाइनल माने जाते हैं और इन चुनावों में जीत विधानसभा का रास्ता साफ कर देती है। उधर, राजनीतिक दलों से नाराज राज्य के कई बड़े नेता राजनीति में अपनी साख बचाए रखने के लिए सक्रिय हो गए हैं। ऐसे में इन चुनावों में रूठों को मनाने का भी भरसक प्रयास हो रहा है।10 से तीन बजे तक नामांकनसात, आठ व 11 मई को नामांकन प्रक्रिया होगी। वहीं, 12 मई को नामांकन पत्रों की जांच होगी। नाम वापस लेने का समय 14 व 15 मई को रहेगा। 15 मई को नाम वापसी के तुरंत बाद ही उम्मीदवारों की सूची जारी होगी। सुबह 10 से दोपहर तीन बजे तक उम्मीदवार अपना नाम दर्ज करवा सकते हैं। राज्य में 26 मई को प्रथम चरण का मतदान, 28 मई को द्वितीय और 30 मई को तृतीय चरण का मतदान होगा। चुनाव संपन्न होने के बाद प्रधान, उपप्रधान और वार्ड मेंबर के परिणाम उसी समय निकाले जाएंगे।
