शिमला, सुरेन्द्र राणा:बादल फटने की घटना के नौ दिन बाद शुक्रवार को शिमला के सुन्नी डैम में चार और नोगली में एक महिला का शव मिला है। 31 जुलाई की रात को श्रीखंड महादेव की पहाड़ियों पर बादल फटने से समेज और कुर्पण खड्ड में आई बाढ़ से करीब 45 लोग लापता हो गए थे। लापता लोगों की तलाश में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। अब तक कुर्पण खड्ड और सतलुज नदी में 15 शव बरामद हो चुके हैं।
रामपुर के साथ लगते नोगली में सतलुज किनारे कल्पना पत्नी जय सिंह निवासी समेज का शव मिला। कल्पना समेज में ही ग्रीनको हाईड्रो प्रोजेक्ट में कार्यरत थीं। महिला की बहन ने शव की पहचान की है। बादल फटने की घटना से पूर्व कल्पना की उसके दोनों बच्चों के साथ रील वायरल हुई थी। बाढ़ के बाद उसके दोनों बच्चे भी लापता हैं। पुलिस ने महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए खनेरी अस्पताल पहुंचा दिया है। उधर, सुन्नी बांध स्थल में भी चार लोगों के शव बरामद हुए हैं। इनमें से दो शव पुरुषों के हैं और एक 14-15 साल की बच्ची का, जबकि एक शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो चुका है। इन चारों शवों की अभी पहचान नहीं हो पाई है। रामपुर के एसडीएम निशांत तोमर ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद महिला का शव परिजनों को सौंप दिया है।
