फर्जी सर्टिफिकेट से नौकरी? हाईकोर्ट सख्त, हिमाचल सरकार ने दिए ग्रुप-C और D कर्मचारियों के शैक्षणिक प्रमाण पत्र जांच के निर्देश

Spread the love

शिमला, सुरेन्द्र राणा: हिमाचल प्रदेश सरकार ने ग्रुप-सी और ग्रुप-डी के कर्मचारियों के शैक्षणिक प्रमाण पत्रों की वैधता की जांच के निर्देश जारी किए हैं। यह आदेश प्रदेश के मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने सभी विभागों को जारी किए हैं। यह कार्रवाई हिमाचल हाईकोर्ट के आदेशों के बाद की जा रही है, जो इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग बनाम राज्य सरकार मामले में दिए गए थे।हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि उन पदों पर जहां केवल शैक्षणिक योग्यता के आधार पर मेरिट तय कर नियुक्ति होती है, वहां प्रमाण पत्रों की सघन जांच आवश्यक है। कोर्ट ने कहा कि कई मामलों में एक जैसे संस्थानों से सर्टिफिकेट लिए जा रहे हैं, जिनकी विश्वसनीयता संदेह के घेरे में है।

चार महीने की समयसीमा

हाईकोर्ट ने सर्टिफिकेट वैरिफिकेशन के लिए चार महीने का समय दिया है। इसके तहत न केवल वर्तमान में नौकरी पाने वाले उम्मीदवारों के दस्तावेज जांचे जाएंगे, बल्कि इस अवधि में नियुक्त किए जा चुके कर्मचारियों के प्रमाण पत्र भी जांच के दायरे में लाए गए हैं।

मुख्य सचिव की ओर से यह निर्देश सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, उपायुक्तों, बोर्ड-निगमों, विश्वविद्यालयों के नियोक्ता अधिकारियों, लोक सेवा आयोग और राज्य कर्मचारी चयन आयोग को भेजे गए हैं। सभी को अपने स्तर पर जांच पूरी करने और उसकी कॉम्प्लायंस रिपोर्ट हाईकोर्ट को सौंपने के निर्देश हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *