सुजानपुर नगर परिषद पर कांग्रेस का कब्ज़ा, नीलम धीमान बनीं अध्यक्ष

​सुजानपुर नगर परिषद पर कांग्रेस का कब्ज़ा: आशा वर्कर बनीं अध्यक्ष, टैक्सी चालक उपाध्यक्ष; भाजपा ने बताया ‘लोकतंत्र की हत्या’, जाएगी कोर्ट

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पंजाब दस्तक ब्यूरो, हमीरपुर
​रिपोर्ट: उमांशी राणा (वरिष्ठ पत्रकार)

​सुजानपुर। सुजानपुर नगर परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव बेहद सियासी ड्रामे और हंगामे के बीच संपन्न हुए। नगर परिषद में कांग्रेस ने अपना परचम लहराते हुए दोनों मुख्य पदों पर जीत दर्ज की है। कांग्रेस समर्थित 5 पार्षदों तथा स्थानीय विधायक के मत के साथ नगर परिषद में कांग्रेस का मजबूत बहुमत साबित हुआ। वार्ड नंबर 7 से पार्षद व आशा वर्कर नीलम धीमान को नगर परिषद का अध्यक्ष तथा वार्ड नंबर 4 से पार्षद व टैक्सी चालक विनय सियाल को उपाध्यक्ष चुना गया है।


​आम जनता, मेहनतकश वर्ग और एकजुटता की जीत: विधायक कैप्टन रंजीत सिंह
​इस ऐतिहासिक जीत पर सुजानपुर के विधायक कैप्टन रंजीत सिंह ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष सहित सभी पार्षदों को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा:
​”आज के परिणामों ने यह साबित कर दिया है कि सुजानपुर में कांग्रेस एकजुट और मजबूत है। जनता का विश्वास कांग्रेस के साथ है। यह परिणाम संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं की मेहनत का प्रतिफल है।”


​विधायक ने आगे कहा कि आज का दिन इसलिए भी विशेष है क्योंकि अध्यक्ष पद पर एक आशा वर्कर और उपाध्यक्ष पद पर एक टैक्सी चालक को जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह समाज के उस वर्ग का सम्मान है जो जमीनी स्तर पर रहकर जनता की सेवा करता है। कांग्रेस हमेशा आम आदमी को नेतृत्व देने में विश्वास रखती है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि सरकार ने पहले भी आशा वर्करों के मानदेय में बढ़ोतरी की थी और आज एक आशा वर्कर का नगर परिषद अध्यक्ष बनना पूरे प्रदेश की आशा वर्करों के लिए गर्व की बात है।


​इस मौके पर विधायक सुरेश कुमार, चेयरमैन कुलदीप पठानिया, नरेश ठाकुर, अध्यक्ष राजेंद्र वर्मा, पूर्व प्रधान मनोज कुमार सहित कांग्रेस के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


​भाजपा का कड़ा विरोध: “यह लोकतंत्र की हत्या है, खटखटाएंगे कोर्ट का दरवाजा”
​दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने इन चुनाव परिणामों और चुनावी प्रक्रिया का कड़ा विरोध किया है। भाजपा के प्रवक्ता राजेंद्र राणा और पार्टी के चुने हुए पार्षदों ने मीडिया को संबोधित करते हुए इसे ‘लोकतंत्र की हत्या’ करार दिया।


​भाजपा नेताओं का आरोप है कि चुनाव में नियमों और लोकतांत्रिक प्रणाली का पालन नहीं किया गया। हाथ खड़े करवाकर प्रक्रिया को प्रभावित किया गया, जो कि नियम सम्मत नहीं है। भाजपा नेताओं ने साफ कहा कि वे इस प्रशासनिक मनमानी और नियमों की अनदेखी के खिलाफ चुप नहीं बैठेंगे और न्याय के लिए बहुत जल्द न्यायालय (कोर्ट) का दरवाजा खटखटाएंगे।


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