शिमला, सुरेंद्र राणा:हिमाचल प्रदेश को टीबी रोग मुक्त बनाने के लिए उच्च जोखिम के आधार पर चयनित क्षेत्रों में 31,71,916 आबादी की स्क्रीनिंग की होगी। केंद्रीय सरकार ने मधुमेह, धूम्रपान, उच्च रक्तचाप (बीपी) व 32 अन्य बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों की संख्या के आधार पर गांवों का चयन किया गया है। इन गांवों में 14 वर्ष से अधिक आयु की आबादी की जांच की जाएगी। साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीम उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में घरद्वार क्षय रोगियों की पहचान करेगी। 100 दिन क्षय रोग अभियान में प्रदेश के 5,176 गांवों को उच्च जोखिम श्रेणी में शामिल किया है। इसमें संदिग्धों में टीबी का पता लगाकर उपचार शुरू करवाया जाएगा। वहीं, बलगम के सैंपल भी लिए जाएंगे।
गौर रहे कि केंद्र सरकार की ओर से उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों को रिपोर्ट के आधार पर चयन किया गया है। उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों का डाटा प्रदेश स्वास्थ्य विभाग को भेजा गया है। अगर इसमें से कोई क्षय रोगी निकलता है तो उनका समीप के स्वास्थ्य संस्थानों में उपचार शुरू करवाया जाएगा। जांच के दौरान छाती का एक्सरे और साइटोक्रोम टीबी परीक्षण की सुविधा प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त संदिग्धों के थूक के नमूने एकत्र किए जा रहे हैं। सही जानकारी के लिए नार्ट टेस्ट के माध्यम से सैंपल की जांच करवाई जाएगी।
