मंडी, काजल: अवैध एवं अनियंत्रित ऑनलाइन दवा बिक्री तथा ई-फार्मेसी के बढ़ते चलन के खिलाफ ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स ने 20 मई को देश भर में एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल का आह्वान किया है। ऑनलाइन फार्मेसियों के अनियंत्रित संचालन और कारपोरेट कंपनियों द्वारा दवाओं पर दी जा रही भारी छूट के खिलाफ देश के 12.40 लाख से अधिक केमिस्ट और वितरक सडक़ों पर उतरेंगे। इस देशव्यापी आंदोलन को सफल बनाने के लिए हिमाचल प्रदेश के दवा विक्रेताओं ने भी अपनी दुकानें पूर्णत: बंद रखने का निर्णय लिया है। हड़ताल के दौरान स्थानीय प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसमें जन स्वास्थ्य की सुरक्षा और देश के लाखों छोटे दवा व्यापारियों के वजूद को बचाने के लिए केंद्र सरकार से तुरंत प्रभावी कदम उठाने की मांग की जाएगी।
एआईओसीडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेएस शिंदे और महासचिव राजीव सिंघल, हिमाचल प्रदेश के प्रदेशाध्यक्ष संजीव पंडित, महासचिव ऋषभ कालिया, मंडी जिला के अध्यक्ष योगेश वर्मा, कांगड़ा जिला केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश वासुदेव और सचिव राजेश शर्मा का आरोप है कि विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉम्र्स और ई-फार्मेसी कंपनियों द्वारा बिना किसी वैध और सत्यापित चिकित्सकीय पर्चे (प्रिस्क्रिप्शन) के दवाओं की धड़ल्ले से बिक्री और होम डिलीवरी की जा रही है, जो मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ है। इसके अलावा, इन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स द्वारा अपनाई जा रही अत्यधिक छूट की अनुचित नीति के कारण पारंपरिक व लाइसेंसधारी छोटे केमिस्ट्स के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने मांगें नहीं मानीं, तो इस सांकेतिक हड़ताल को अनिश्चितकालीन आंदोलन में बदल दिया जाएगा।कोविडकाल के नियम हटाने की मांगसंगठन ने मांग की है कि कोरोना महामारी के दौरान आपातकालीन व्यवस्था के तहत जारी की गई अधिसूचना जीएसआर 220(ई) को तत्काल वापस लिया जाए। इस अस्थाई नियम का फायदा उठाकर डिजिटल प्लेटफाम्र्स मूल पर्चे की अनिवार्यता और स्टैम्पिंग जैसे कड़े दवा नियमों (ड्रग रूल 65) का उल्लंघन कर रहे हैं।
