पंजाब दस्तक: पंजाब में जालंधर पहुंचे राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान उनके बेटे के समान हैं लेकिन जिस भाषा का इस्तेमाल मान उनके प्रति विधानसभा में करते हैं, वह पंजाब की संस्कृति नहीं है। गवर्नर ने कहा- मुख्यमंत्री उनके लिए बोलते हैं कि मैं नागपुर से हूं या नागालैंड से आया हूं, जो गलत है। पंजाब का कल्चर तो बोलचाल के लिहाज से बहुत अमीर है। उनके पत्रों को मान विधानसभा में लव लैटर कहते हैं, लेकिन उनका जवाब नहीं देते।
राज्यपाल ने कहा कि संविधान के आर्टिकल 167 के तहत किसी भी राज्य का मुख्यमंत्री उस प्रदेश के राज्यपाल के प्रति जवाबदेह होता है। बतौर गवर्नर मैंने संविधान की रक्षा की कसम खाई है और मैं पंजाब में संविधान के बाहर कुछ भी नहीं होने दूंगा। मैं नियमों के अनुसार चलता हूं। मुख्यमंत्री भगवंत मान एक भी प्रशासनिक मामला ऐसा बता दें जिसमें मैंने दखलअंदाजी की हो।
राज्यपाल ने कहा कि मैं सरकार के किसी काम में हस्तक्षेप नहीं करता, लेकिन जब गवर्नर की हैसियत से वह कोई लैटर मुख्यमंत्री को भेजते हैं तो भगवंत मान को संविधान के अनुसार अपना कर्त्तव्य समय कर उसका जवाब देना चाहिए।
बाढ़ के प्रबंधकों में हुई चूक
राज्यपाल ने कहा कि जब राज्य सरकार के मौसम विभाग और केंद्र सरकार से पहले ही अलर्ट मिल गया था तो बाढ़ से बचाव के प्रबंध पहले करने चाहिए थे। उन्होंने कहा कि इसकी तो मीटिंग वगैरह भी महीना डेढ़ महीना पहले होनी चाहिए थी। प्रबंधों की समीक्षा भी होनी चाहिए। बाढ़ से 20 हजार एकड़ जमीन पानी में डूब गई है। सर्वे का काम चल रहा है 15 दिन में सारी रिपोर्ट तैयार हो जाएगी।
उन्होंने भगवंत मान पर गलत टिप्पणी करने पर बोला कि वह लिखते हैं लव लेटर लिखने की आदत है क्या यह राज्यपाल के बारे में लिखना सही है। चैलेंज करके बोलता हूं कि कभी भी एक भी गलती नहीं की सब कानून के अंदर ही किया है। लेकिन जो कानून से बाहर जाएगा। उस पर मैं जरूर बोलूंगा।
