Wave Estate Sector 85 residents protest against management in Mohali

वेव एस्टेट सेक्टर-85 में प्रबंधन की मनमानी पर फूटा निवासियों का प्रचंड आक्रोश: जोरदार नारेबाजी से गूंजा दफ्तर, 500 से अधिक परिवारों ने खोला मोर्चा, बैकफुट पर मैनेजमेंट

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​”संहतिः श्रेयसी पुंसां स्वकुलैः सह बान्धवैः।
तुषैरपि परित्यक्ता न प्ररोहन्ति तण्डुलाः॥”
(अर्थात्: अपनों और समाज की एकजुटता में ही सबसे बड़ी शक्ति होती है। जिस प्रकार छिलके से अलग होकर चावल का दाना नहीं उग सकता, उसी प्रकार संगठन और एकता के बिना कोई अधिकार सुरक्षित नहीं रह सकता।)


​पंजाब दस्तक (ब्यूरो): सुरेंद्र राणा
मोहाली (वेव एस्टेट, सेक्टर-85):


मोहाली के सेक्टर-85 स्थित बहुचर्चित पॉश रिहायशी प्रोजेक्ट ‘वेव एस्टेट’ में बिल्डर प्रबंधन की तानाशाही, लचर व्यवस्था और झूठे वादों के खिलाफ निवासियों के सब्र का बांध आखिरकार टूट गया। मेंटेनेंस के नाम पर हो रही खुली लूट और बुनियादी सुविधाओं की लगातार हो रही अनदेखी से आहत होकर बड़ी संख्या में निवासी सड़कों पर उतर आए और ‘कंट्री कोलोनाइजर्स’ के दफ्तर का जोरदार घेराव किया।
​प्रबंधन की वादाखिलाफी से निवासियों में बहुत गुस्सा देखने को मिला। गुस्साए लोगों ने मैनेजमेंट की मनमानी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिससे पूरा परिसर गूंज उठा। निवासियों ने 500 से अधिक परिवारों के हस्ताक्षरों वाला मांग पत्र सौंपते हुए प्रबंधन को कड़ा और अंतिम अल्टीमेटम थमा दिया है।


​लोकल टीम से बात करने से साफ इनकार: ‘फैसला लेने वाली शीर्ष अथॉरिटी ही सामने आए’
कार्यालय परिसर में उमड़ी निवासियों की भारी भीड़ और उनके तीखे तेवरों को देखकर स्थानीय प्रबंधन के होश उड़ गए। रेजिडेंट्स एक्शन टीम ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया कि वे केवल आश्वासन बांटने वाली स्थानीय टीम से कोई बातचीत नहीं करेंगे। चर्चा सिर्फ और सिर्फ प्रमोटर्स और मेंटेनेंस एजेंसी की उस शीर्ष अथॉरिटी से होगी जो मौके पर फैसले लेने का पूर्ण अधिकार रखती हो। निवासियों की इस चट्टानी एकता और भारी दबाव के आगे प्रबंधन को झुकना पड़ा, जिसके बाद अगले हफ्ते कंपनी के सीओओ समीर के साथ उच्चस्तरीय और निर्णायक बैठक तय की गई है।


​कटघरे में मैनेजमेंट: तीन ज्वलंत मुद्दों पर मांगा सीधा जवाब
​CAM शुल्क में मनमानी वृद्धि पर तुरंत रोक: मेंटेनेंस (CAM) चार्ज में बिना किसी ठोस आधार के की जा रही एकतरफा और भारी बढ़ोतरी को तत्काल वापस लिया जाए। फ्लैट धारकों के वैध अधिकारों का हनन अब बर्दाश्त नहीं होगा।
​’द रिट्रीट’ के कुप्रबंधन का खात्मा: ‘द रिट्रीट’ परिसर में फैली घोर अव्यवस्था, लचर मेंटेनेंस और सुरक्षा अनदेखी को तुरंत प्रभाव से दुरुस्त किया जाए।
​लापता स्विमिंग पूल का हिसाब दो: फ्लैट बेचते समय बड़े-बड़े सब्जबाग दिखाए गए थे, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी स्विमिंग पूल का कोई अता-पता नहीं है। मैनेजमेंट स्पष्ट करे कि पूल की वास्तविक स्थिति क्या है और यह सुविधा कब से शुरू होगी।


​सेवाओं की गुणवत्ता और वादों पर फूटा गुस्सा: ‘दो महीने की मीठी बातों से अब काम नहीं चलेगा’
​प्रदर्शन के दौरान निवासियों ने सर्विस क्वालिटी और बिल्डर की कमिटमेंट को लेकर जमकर भड़ास निकाली। लोगों का सीधा आरोप था:
​सर्विस क्वालिटी के दावों की खुली पोल: करोड़ों रुपये चुकाने के बाद भी जरूरी सेवाओं की गुणवत्ता बेहद घटिया है। मेंटेनेंस के नाम पर सिर्फ बिल भेजे जा रहे हैं, लेकिन ग्राउंड पर काम पूरी तरह ठप है।
​आश्वासनों का खोखला खेल: निवासियों ने दो टूक कहा कि पिछले करीब दो महीनों से मैनेजमेंट के साथ बैठकों का दौर चल रहा है, लेकिन सिर्फ मीठी-मीठी बातों और झूठे दिलासों के सिवाय कुछ हासिल नहीं हुआ।


​चुनिंदा लोगों से बात करके टरकाने की साजिश नाकाम: लोगों ने रोष जताते हुए कहा कि पहले 7-8 प्रतिनिधियों को आमने-सामने बिठाकर माहौल ठंडा करने और बाद में मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की जाती रही, लेकिन अब यह पैंतरा नहीं चलेगा। पूरी सोसाइटी एक सुर में अपने अधिकारों और लिखित कमिटमेंट को लागू करवाने के लिए डटी हुई है।


​’निर्णायक फैसला नहीं हुआ तो होगा बड़ा आंदोलन’
रेजिडेंट्स के प्रतिनिधि हरप्रीत सिंह ने प्रबंधन को दो-टूक चेतावनी देते हुए कहा कि वेव एस्टेट के निवासियों की अटूट एकजुटता ही इस संघर्ष की सबसे बड़ी ताकत है। यदि आगामी बैठक में समस्याओं का ठोस और स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो यह आंदोलन और अधिक आक्रामक रुख अख्तियार करेगा। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि बैठक में होने वाली हर चर्चा और निर्णय को पूरी तरह पारदर्शी रखा जाएगा ताकि सच हर परिवार के सामने आ सके।


​इस दौरान वेव एस्टेट सेक्टर-85 की विभिन्न आरडब्ल्यूए (RWA) और बड़ी संख्या में परिवारों ने एकजुट होकर समर्थन दिया और साफ कर दिया कि जब तक उनके हक की बहाली नहीं होती, यह आर-पार की लड़ाई जारी रहेगी।
​जनहित, निष्पक्षता और निवासियों के हक की सटीक खबरों के लिए ऐसे ही देखते रहें— पंजाब दस्तक।

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