”नाहं भीतो मरणेनास्मि केवलं दूषितो यशः।
विशुद्धस्य हि मे मृत्युः पुत्रजन्मसमं भवेत्॥”
(अर्थात्: अपने अधिकारों और स्वाभिमान की रक्षा के लिए किया गया न्यायपूर्ण संघर्ष ही सर्वोपरि धर्म है। सत्य और हक की राह पर अडिग रहना ही सबसे बड़ा संकल्प है।)
पंजाब दस्तक, ब्यूरो चीफ सुरेंद्र राणा, रामपुर / शिमला:
हिमाचल प्रदेश के पेंशनरों की वर्षों से अटकी वित्तीय देनदारियों, बकाए एरियर और हकों की बहाली को लेकर पेंशनर्स प्रदेश संघर्ष समिति ने अब आर-पार की जंग छेड़ दी है। सरकारी अनदेखी और वादाखिलाफी से आहत बुजुर्ग पेंशनरों का सब्र अब पूरी तरह टूट चुका है। अपने जीवन की गाढ़ी कमाई और जायज हक को हासिल करने के लिए समिति ने कमर कस ली है और संघर्ष की गूंज अब सचिवालय के कमरों से निकलकर सीधे प्रदेश के गांव-गांव और चौपालों तक पहुंचाई जा रही है।
रामपुर के मिनी सचिवालय स्थित मल्टीपर्पज कॉन्फ्रेंस हॉल में ब्लॉक प्रधान बुद्धि सिंह चौहान की अध्यक्षता में पेंशनरों की एक विशाल और रणनीतिक बैठक संपन्न हुई। बैठक में दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे भारी संख्या में पेंशनरों ने एक सुर में सरकार को अपनी चट्टानी एकजुटता का सीधा संदेश दिया।


बिलासपुर महामंथन की जमीन पर उतरा आंदोलन, तीसरे चरण का आगाज
बैठक में विशेष अतिथि के रूप में शिरकत करने पहुंचे संघर्ष समिति के प्रदेश अतिरिक्त महासचिव भूपराम वर्मा, प्रदेश मीडिया प्रभारी सेन राम नेगी और शिमला जिला संयोजक मोहन ठाकुर ने सीधे शब्दों में सरकार की नीतियों को कटघरे में खड़ा किया।
प्रदेश अतिरिक्त महासचिव भूपराम वर्मा ने दो टूक कहा कि 18 सितंबर को बिलासपुर में प्रदेश के 18 विभिन्न पेंशनर संगठनों के साझा मंच पर प्रदेश अध्यक्ष सुरेश ठाकुर के नेतृत्व में ऐतिहासिक निर्णय लिया गया था। उसी महामंथन के तहत अब तीसरे चरण के सघन जन जागरण अभियान की जमीन तैयार हो चुकी है। इस अभियान का स्पष्ट मकसद है— प्रदेश के कोने-कोने में बैठे हर पेंशनर और उनके परिवारों को सरकार द्वारा रोकी गई लंबित देनदारियों के सच से अवगत कराना और एक-एक पेंशनर को इस न्यायपूर्ण आंदोलन से जोड़ना।
पंचायत स्तर पर चक्रव्यूह, 2 अक्टूबर को ठियोग में ‘पेंशनर संघर्ष संकल्प दिवस’
बूथ और पंचायत स्तर पर मजबूत संगठन: संगठन की ताकत को अभेद्य बनाने के लिए हर गांव और पंचायत स्तर पर छोटी-छोटी एक्शन कमेटियां गठित की जाएंगी, ताकि गांव-गांव से पेंशनरों की बुलंद आवाज सत्ता के गलियारों तक पहुंचे।
गांधी जयंती पर ठियोग में विशाल शक्ति प्रदर्शन: भूपराम वर्मा ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि आगामी 2 अक्टूबर को शिमला जिले के ठियोग में गांधी जयंती के अवसर पर ऐतिहासिक ‘पेंशनर संघर्ष संकल्प दिवस’ मनाया जाएगा। इसमें शिमला जिले के सभी ब्लॉकों के पदाधिकारी और सैकड़ों पेंशनर एकजुट होकर अपने अधिकारों की हुंकार भरेंगे।
कथित स्वयंभू नेता की अमर्यादित टिप्पणी पर फूटा गुस्सा, कड़ा निंदा प्रस्ताव पारित
बैठक के दौरान 23 सितंबर को एक प्रेस वार्ता में फ्रंट के एक तथाकथित स्वयंभू पेंशनर द्वारा एक कर्तव्यनिष्ठ शिक्षक साथी के प्रति की गई अभद्र और अशोभनीय टिप्पणी पर पेंशनरों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। सदन ने सर्वसम्मति से कड़ा निंदा प्रस्ताव पारित करते हुए इस कृत्य की घोर भर्त्सना की। पेंशनरों ने दो टूक चेतावनी दी कि किसी भी साथी के मान-सम्मान और गरिमा को ठेस पहुंचाने की ओछी राजनीति को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक में इन प्रमुख साथियों ने भरी हुंकार
इस रणनीतिक बैठक में ब्लॉक महामंत्री अमोलक राम, मानदास बुशहरी, राजेंद्र ठाकुर, ज्ञानचंद बलाई, मदन बुशहरी, लायक राम नेगी, जन्मदेव शर्मा, बुद्धि सिंह मेहता, शकुंतला देवी, सोना देवी, पार्वती देवी, कांता देवी, रतन दास, प्रेम दास, कैलाश जोशी, चेतराम, श्यामलाल, निर्मल दास, मोहन जोशी, सहज राम, छट्टू राम, बिहारी लाल, बालक राम, मुसाफिर, गोपाल चौहान, भूपेंद्र महाजन, बेलीराम बुशहरी, ताराचंद भंडारी और कर्मचंद सहित कई वरिष्ठ पेंशनर साथी मौजूद रहे।
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