पंजाब दस्तक ब्यूरो / वरिष्ठ पत्रकार: मीरा महाजन, नई दिल्ली
देश जब आजादी का पर्व मना रहा था, उसी दौरान कांग्रेस मुख्यालय (इंदिरा भवन) में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के गायन के वक्त जो तस्वीरें कैमरे में कैद हुईं, उसने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। वायरल वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि राष्ट्रगीत के बीच कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी असहज दिखती हैं और हाथ के इशारों से कार्यकर्ताओं को बुलाकर कुछ निर्देश देती हैं।
इस पूरे घटनाक्रम पर अब भारतीय जनता पार्टी ने तीखा हमला बोला है और कांग्रेस पर राष्ट्रगीत के अनादर का आरोप लगाया है। वहीं, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सफाई पेश करते हुए कहा कि सोनिया गांधी राष्ट्रगीत नहीं रुकवा रही थीं, बल्कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी मंगवाने का इशारा कर रही थीं।
पंजाब दस्तक के तीखे सवाल — तस्वीरों पर भारी नहीं पड़ सकतीं दलीलें:
पहले से व्यवस्था क्यों नहीं थी? यदि वरिष्ठ नेताओं के स्वास्थ्य या उम्र के लिहाज से कुर्सी की जरूरत थी, तो राष्ट्रगीत शुरू होने से पहले मंच पर व्यवस्था क्यों नहीं की गई? राष्ट्रगीत के बीच में सेवा दल के कार्यकर्ताओं को दौड़ाना मंच प्रबंधन की भारी विफलता और लापरवाही को दर्शाता है।
मर्यादा और एकाग्रता पर चोट: वंदे मातरम के गायन के दौरान हर नागरिक सावधान मुद्रा में खड़ा होता है। ऐसे में देश की सबसे पुरानी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का बीच में इशारे करना, बातचीत करना और ध्यान भटकाना किस प्रोटोकॉल का हिस्सा है?
पूरा देश देख रहा है तस्वीरें: राजनीतिक बयानों और सोशल मीडिया की सफाई से कैमरे में कैद हुए सच को बदला नहीं जा सकता। पूरा हिंदुस्तान यह फुटेज देख रहा है कि किस तरह राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति संवेदनशीलता और अनुशासन की कमी साफ दिखाई दी।
राष्ट्रीय मान-सम्मान और संवैधानिक प्रतीकों से जुड़े आयोजनों में किसी भी राजनीतिक दल की ऐसी लापरवाही कतई स्वीकार्य नहीं हो सकती। बहाने चाहे जो बनाए जाएं, लेकिन तस्वीरों ने सियासत के बंद कमरों की हकीकत जनता के सामने रख दी है।

