पंजाब दस्तक ब्यूरो चीफ, सुरेंद्र राणा
हिमाचल प्रदेश के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में इस वक्त एक बेहद बड़ी हलचल तेज हो गई है। सचिवालय से लेकर राजनीतिक हलकों (Political Circles) तक में सिर्फ एक ही सवाल और चर्चा सबसे ऊपर है कि 1 जून से कौन होगा हिमाचल का नया चीफ सेक्रेटरी?
सचिवालय के गलियारों में ओंकार शर्मा के नाम की गूंज!
सूत्रों से मिल रही बेहद पुख्ता जानकारी के अनुसार, अपनी बेदाग छवि और बेहतरीन कार्यशैली के लिए विख्यात वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ओंकार शर्मा का नाम इस शीर्ष पद की रेस में सबसे आगे चल रहा है। सचिवालय के गलियारों में 1 जून को लेकर सरगर्मियां पूरी तरह बढ़ चुकी हैं।
प्रशासनिक सूझबूझ के शिखर: बेदाग और सुखद छवि से बनाई दिलों में जगह
मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से ताल्लुक रखने वाले ओंकार शर्मा की गिनती राज्य के सबसे ईमानदार, कर्मठ और शालीन अधिकारियों में होती है। पूरे सेवाकाल के दौरान उनकी छवि हमेशा बेदाग रही है। वे बेहद हंसमुख, मिलनसार और सुखद स्वभाव के धनी हैं, जो हर वर्ग के व्यक्ति की बात को बेहद संवेदनशीलता और गंभीरता से सुनते हैं। जटिल से जटिल प्रशासनिक मुद्दों को भी वे अपनी सूझबूझ और शांत दिमाग से बेहद आसानी से हल कर लेते हैं।
उनकी इसी कार्यशैली और कर्तव्यनिष्ठा को लेकर प्रशासनिक हलकों में यह श्लोक बिल्कुल सटीक बैठता है:
”युक्तियुक्तं प्रगृह्णीयाद् बालादपि विचक्षणः।”
(अर्थात: जो विद्वान और श्रेष्ठ अधिकारी होते हैं, वे हर कार्य को बेहद युक्ति, शांत दिमाग और सूझबूझ से सुलझाते हैं और सभी के विचारों का सम्मान करते हैं।)
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भारी प्रशंसा
ओंकार शर्मा की कार्यकुशलता और ईमानदारी का लोहा सिर्फ प्रशासनिक अधिकारी ही नहीं, बल्कि राज्य के राजनीतिक दल और वरिष्ठ नेता भी मानते हैं।
यही कारण है कि सचिवालय के साथ-साथ पॉलिटिकल डॉक्टर और रणनीतिकारों के बीच भी उनकी प्रशासनिक क्षमता की खूब तारीफ हो रही है। चंबा के इस होनहार अधिकारी का लंबा और गहरा अनुभव प्रदेश के विकास को एक नई गति देने में पूरी तरह सक्षम है। अब जब 1 जून से मुख्य सचिव पद की कमान सौंपने को लेकर चर्चाएं अपने चरम पर हैं, तो ओंकार शर्मा की बेदाग छवि और अनुभव के कारण उनकी दावेदारी सबसे मजबूत और तय मानी जा रही है।
