हिमाचल प्रदेश सचिवालय से पंजाब दस्तक के ब्यूरो चीफ सुरेंद्र राणा की सीधी रिपोर्ट:
शिमला: हिमाचल प्रदेश में जारी पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों के बीच शुक्रवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में राज्य सचिवालय के शिखर सम्मेलन हॉल में मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की एक बेहद अहम बैठक संपन्न हुई। प्रदेश में आदर्श चुनाव आचार संहिता (Model Code of Conduct) लागू होने के कारण हालांकि इस बैठक की कोई आधिकारिक प्रेस ब्रीफिंग नहीं की गई, लेकिन कैबिनेट में राज्य के युवाओं, महिलाओं, कर्मचारियों और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े कई दूरगामी और बड़े फैसलों पर मुहर लगी है।

विश्वसनीय सूत्रों से छनकर आई खबरों के अनुसार, सुक्खू सरकार ने इस बैठक में रोजगार और जनकल्याण का बड़ा पिटारा खोला है। कैबिनेट बैठक के मुख्य फैसले निम्नलिखित हैं:
1. महा-भर्ती को हरी झंडी: 2215 से अधिक सरकारी पदों को भरने की मंजूरी
प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के लिए सुक्खू कैबिनेट ने नौकरियों का बड़ा पिटारा खोला है। विभिन्न सरकारी विभागों में खाली पड़े 2215 से अधिक पदों को सीधी भर्ती के माध्यम से तुरंत भरने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
शिक्षा विभाग में बंपर नियुक्तियां: अकेले शिक्षा विभाग में विभिन्न श्रेणियों के 1500 से अधिक नए पद सृजित कर उन्हें भरने की अनुमति दी गई है, ताकि स्कूलों में शिक्षकों की कमी को तुरंत दूर किया जा सके।
JOA (IT) भर्ती: युवाओं की लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (IT) के 500 पदों को भरने की मंजूरी दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग (सीनियर रेजिडेंट): प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए 105 सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के पद स्वीकृत किए गए हैं।
तकनीकी शिक्षा (ITI): तकनीकी शिक्षा विभाग के तहत विभिन्न सरकारी आईटीआई में 94 क्राफ्ट इंस्ट्रक्टर (Craft Instructors) के पद भरे जाएंगे।
पुलिस विभाग: कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कार्य को गति देने के लिए पुलिस विभाग में 12 क्लर्क पदों की भर्ती को मंजूरी मिली है।
2. ‘प्यारी बहना योजना’ का दायरा बढ़ा: 2 लाख से कम आय वाली सभी महिलाओं को ₹1500
चुनावी आचार संहिता के बीच सुक्खू सरकार ने महिलाओं को दी गई अपनी सबसे बड़ी गारंटी की तरफ कदम बढ़ा दिए हैं। ‘इन्दिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना’ के तहत अब कैबिनेट ने वित्तीय मापदंड तय करते हुए दायरा बढ़ा दिया है।
नया फैसला: प्रदेश के उन सभी परिवारों की महिलाओं को ₹1500 प्रति माह की वित्तीय सहायता दी जाएगी, जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय 2 लाख रुपये से कम है। इस निर्णय से प्रदेश की लाखों अतिरिक्त महिलाएं इस सम्मान निधि के दायरे में आ जाएंगी।
3. पर्यटन और व्यापार को बूस्टर डोज: पूरे हिमाचल में 24 घंटे खुल सकेंगी दुकानें
गर्मियों के इस पीक पर्यटन सीजन में प्रदेश की आर्थिकी और व्यापार को रफ्तार देने के लिए कैबिनेट ने एक ऐतिहासिक और बड़ा नीतिगत फैसला लिया है। अब पूरे हिमाचल प्रदेश में दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को 24 घंटे (दिन-रात) खुला रखने की अनुमति दे दी गई है।
फायदा: इससे न केवल देश-विदेश से आने वाले सैलानियों को देर रात तक सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि स्थानीय होटल कारोबारियों, ढाबा संचालकों और छोटे व्यापारियों की कमाई में भी इजाफा होगा।
4. मानदेय में बड़ी बढ़ोतरी: हजारों पैरा-वर्कर्स और कर्मचारियों को तोहफा
कैबिनेट ने बजट घोषणाओं को लागू करते हुए जमीनी स्तर पर काम करने वाले हजारों मानदेय कर्मियों के वेतन में सम्मानजनक वृद्धि की है:
₹500 की बढ़ोतरी: स्कूल प्रबंधन समितियों (SMC) के तहत कार्यरत शिक्षकों, मिड-डे मील वर्करों, लोक निर्माण विभाग (PWD) के भारती मल्टी-टास्क वर्करों और पंचायत चौकीदारों के मासिक मानदेय में ₹500 की एकमुश्त बढ़ोतरी की गई है। इस फैसले के बाद PWD मल्टी-टास्क वर्कर का मासिक वेतन ₹5500 से बढ़ाकर ₹6000 हो गया है।
सिलाई अध्यापिकाओं को ₹1000 का लाभ: ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत सिलाई अध्यापिकाओं के मानदेय में ₹1000 की सीधी मासिक बढ़ोतरी को कैबिनेट ने मंजूरी दी है।
5. Medical प्रोफेसरों की रिटायरमेंट उम्र बढ़ी और ‘हिम चंडीगढ़’ को मंजूरी
रिटायरमेंट आयु में वृद्धि: सरकारी मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की कमी से निपटने और अनुभवी डॉक्टरों की सेवाएं बनाए रखने के लिए कैबिनेट ने प्रोफेसरों की सेवानिवृत्ति की आयु (Retirement Age) को 62 वर्ष से बढ़ाकर 63 वर्ष करने का निर्णय लिया है।
’हिम चंडीगढ़’ (Him Chandigarh) नया शहर: चंडीगढ़ और मोहाली की सीमा से सटे हिमाचल के क्षेत्र में ‘हिम चंडीगढ़’ नाम से एक आधुनिक टाउनशिप/नया शहर बसाने के विस्तृत प्रस्ताव और लैंड पूलिंग नीति को भी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।
आचार संहिता के बीच बैठक पर छिड़ा सियासी संग्राम: चुनाव आयोग पहुंची विपक्ष
इस कैबिनेट बैठक और उसमें लिए गए फैसलों ने प्रदेश की सियासत में उबाल ला दिया है। विपक्ष ने इसे आदर्श चुनाव आचार संहिता (MCC) का खुला उल्लंघन करार करते हुए राज्य निर्वाचन आयोग में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।
विपक्ष का आरोप: विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं ने सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, “पूरे प्रदेश में इस समय चुनाव चल रहे हैं। ऐसे नाजुक मोड़ पर अचानक कैबिनेट की बैठक बुलाकर लोकलुभावन फैसले लेना सीधे तौर पर मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश है।” विपक्ष ने चुनाव आयोग से इन फैसलों के क्रियान्वयन पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है।
सत्तापक्ष का पलटवार: सरकार और सत्तापक्ष ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। सरकार के प्रवक्ताओं ने स्पष्ट किया, “कैबिनेट में लिए गए सभी फैसले पूर्व घोषित बजट और पहले से चल रही निरंतर योजनाओं से जुड़े हैं। कोई भी नई योजना घोषित नहीं की गई है। आचार संहिता का सम्मान करते हुए ही कोई आधिकारिक प्रेस नोट या प्रचार नहीं किया गया।”
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