मंडी और कुल्लू में मानसून की बारिश से चंडीगढ़-मनाली हाईवे पर भूस्खलन, ब्यास नदी पर रेड अलर्ट और मनाली में जलभराव।

​छोटी काशी में आसमानी आफत का अलर्ट: सूकड़ा खड्ड के रौद्र रूप से थर्राया मंडी शहर, थलौट के पास पहाड़ी दरकने से चंडीगढ़-मनाली हाईवे मलबे के ढेर में तब्दील; कुल्लू में ब्यास-पार्वती का तांडव, पर्यटन नगरी में चरमराई व्यवस्था

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पंजाब दस्तक
​वरिष्ठ पत्रकार: उमांश

​ताजपोशी के अगले ही दिन एक्शन: नए मेयर और डिप्टी मेयर तड़के ही ग्राउंड जीरो पर उतरे; ड्रेनेज चोक होने पर अधिकारियों के साथ की आपात बैठक, व्यवस्था सुधारने के दिए कड़े निर्देश
​मंडी शहर: मंडी नगर निगम के नवनिर्वाचित मेयर और डिप्टी मेयर ने पदभार संभालते ही सुबह की पहली मूसलाधार बारिश के बीच शहर का तूफानी दौरा किया। सूकड़ा और सुकेती खड्ड में उफान के कारण शहर के निचले वार्डों और बाजारों में पानी घुसने की शिकायत पर दोनों नेता खुद ग्राउंड पर उतरे। नालियों की समय पर सफाई न होने और ड्रेनेज चोक मिलने पर नए मेयर ने नगर निगम प्रशासन और लोनिवि (PWD) के इंजीनियरों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। मेयर ने अधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से फील्ड का जायजा लेते हुए कड़े निर्देश जारी किए कि जिन ठेकेदारों ने सफाई व्यवस्था में कोताही बरती है, उन पर तुरंत प्रशासनिक नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाए और ड्रेनेज को तुरंत सुचारू किया जाए।


​औट-थलौट के पास धंसा चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय उच्चमार्ग, मनाली जा रहे सैकड़ों सैलानी रास्तों में कैद; बजौरा रूट पर लगा महा-जाम
​थलौट/औट: जिला मंडी और कुल्लू की लाइफलाइन कहा जाने वाला सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे (NH-21) मानसून के पहले ही प्रहार में पूरी तरह ढह गया। बीती रात औट और थलौट के बीच एक विशाल पहाड़ी का हिस्सा दरक कर सड़क पर आ गिरा, जिससे हाईवे का एक बड़ा हिस्सा ब्यास नदी की तरफ धंस गया है। इस कारण घाटी के दोनों तरफ वाहनों का मीलों लंबा काफ़िला थम गया है। मनाली और कुल्लू की तरफ बढ़ रहे देश भर के सैकड़ों सैलानी और स्थानीय लोग गाड़ियों में भूखे-प्यासे रात काटने को मजबूर हुए। प्रशासन ने ट्रैफिक को वाया बजौरा मोड़ा है, लेकिन वहां भी गाड़ियों की कतारें रेंग रही हैं।


​मनाली के वोल्वो बस स्टैंड पर भरा तीन फीट पानी, ड्रेनेज फेल होने से प्रशासन के दावों का निकला जनाजा
​मनाली प्रॉपर: पर्यटन नगरी मनाली में लोक निर्माण विभाग और नगर परिषद की मानसून तैयारियों की पहली ही बारिश ने पोल खोल दी है। मनाली के मुख्य वोल्वो बस स्टैंड पर जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण आज सुबह करीब तीन फीट तक पानी भर गया। इसके चलते दिल्ली और अन्य राज्यों से सुबह-सुबह पहुंचीं वोल्वो बसों से उतरने वाले सैलानियों को अपना सामान कंधों पर उठाकर पानी के बीच से गुजरना पड़ा। स्थानीय होटल व्यवसायियों ने रोष जताते हुए कहा कि हर साल करोड़ों का टैक्स वसूलने के बावजूद प्रशासन पर्यटकों को बुनियादी सुविधाएं तक देने में नाकाम साबित हो रहा है।


​ब्यास और पार्वती नदी का विकराल रूप: कुल्लू-मनाली घाटी में ‘रेड अलर्ट’ जारी, रिवर राफ्टिंग और एडवेंचर स्पोर्ट्स पर मुकम्मल रोक
​कुल्लू/मनाली: रोहतांग पास और ऊपरी पर्वतीय इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण ब्यास और पार्वती नदियां खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं। ब्यास नदी के इस भयानक रूप को देखते हुए कुल्लू जिला प्रशासन ने पूरी घाटी में हाई-अलर्ट घोषित कर दिया है। नदी किनारे बने तमाम होटलों, रिजॉर्ट्स और झुग्गी-बस्तियों को खाली करने की हिदायत दी गई है। उपायुक्त कुल्लू ने आपदा प्रबंधन टीमों को चौबीस घंटे मुस्तैद रहने को कहा है और पर्यटकों की सुरक्षा के मद्देनजर ब्यास में रिवर राफ्टिंग और पैराग्लाइडिंग जैसी गतिविधियों पर अगले आदेश तक पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।


​भुंतर-कुल्लू मार्ग पर बेसहारा पशुओं का आतंक, बारिश के बीच नेशनल हाईवे पर हादसों को न्योता
​भुंतर/कुल्लू: कुल्लू जिला के प्रवेश द्वार भुंतर से लेकर कुल्लू मुख्यालय तक राष्ट्रीय उच्चमार्ग पर इन दिनों बेसहारा पशुओं का जमघट लगा हुआ है। आज सुबह भारी बारिश और धुंध के कारण विजिबिलिटी कम होने से दो पहिया वाहन चालक इन पशुओं से टकराकर चोटिल हो गए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर परिषद और जिला प्रशासन द्वारा पशुओं को आश्रय देने की सभी योजनाएं सिर्फ कागजों पर चल रही हैं, जिससे हाईवे पर सफर करना जानलेवा बन गया है।


​आनी और निरमंड ब्लॉक में सेब सीजन से ठीक पहले संपर्क मार्ग ठप, बागवानों की बढ़ी चिंता
​आनी/निरमंड: कुल्लू जिला के सबसे बड़ा सेब उत्पादक ब्लॉक आनी और निरमंड के ऊंचे इलाकों में मूसलाधार बारिश के चलते तीन मुख्य संपर्क मार्ग मलबे की चपेट में आ गए हैं। इस वजह से बागवानों की चिंताएं बढ़ गई हैं, क्योंकि क्षेत्र में अगेती सेब की तुड़ाई का काम शुरू होने वाला है। अगर समय रहते पीडब्ल्यूडी ने इन सड़कों से मलबा हटाकर इन्हें सुचारू नहीं किया, तो बागवानों की फसल मंडियों तक नहीं पहुंच पाएगी और उन्हें लाखों का नुकसान उठाना पड़ेगा।


​सुंदरनगर और बल्ह घाटी में बाढ़ जैसे हालात, सुकेती खड्ड का पानी खेतों में घुसने से करोड़ों की फसलें तबाह
​बल्ह/सुंदरनगर: मंडी जिला के सबसे उपजाऊ मैदानी क्षेत्र बल्ह घाटी और सुंदरनगर ब्लॉक में प्रशासनिक नाकामी का खामियाजा अन्नदाताओं को भुगतना पड़ रहा है। ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह ब्लॉक होने के कारण आज सुबह सुकेती खड्ड का मटमैला पानी और सिल्ट ओवरफ्लो होकर सीधे किसानों के खेतों में घुस गया। इससे बल्ह घाटी में सैकड़ों बीघा में लगी मक्की, टमाटर और नगदी सब्जियों की फसलें जलमग्न हो गईं, जिससे किसानों को करोड़ों रुपये की चपत लगी है। प्रभावित किसानों ने रोष जताते हुए सरकार से तुरंत मुआवजे की मांग की है।


​सराज और जोगिंदरनगर में अंधड़ का तांडव: 35 ट्रांसफार्मर फुके, दर्जनों पंचायतों में पसरा अंधेरा
​जोगिंदरनगर/सराज: जिला मंडी के दुर्गम पहाड़ी ब्लॉकों जंजैहली, सराज और जोगिंदरनगर में मूसलाधार बारिश के साथ आए चक्रवाती तूफान ने बिजली बोर्ड की रीढ़ तोड़कर रख दी है। तेज अंधड़ के कारण भारी पेड़ और विशालकाय टहनियां मुख्य विद्युत लाइनों पर गिर गईं, जिससे 35 से अधिक ट्रांसफार्मर पूरी तरह फुक गए हैं। सराज घाटी की दर्जनों पंचायतों में बीती रात से मुकम्मल ब्लैकआउट है। बिजली विभाग के कर्मचारी सुबह से ही भारी बारिश के बीच खंभों को दुरुस्त करने में जुटे हैं।


​कसोल और मणिकर्ण घाटी में पर्यटकों की हुड़दंगबाजी पर पुलिस सख्त, डेंजर ज़ोन पर कड़ा पहरा
​मणिकर्ण घाटी: पार्वती नदी के तेज बहाव और लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए कुल्लू पुलिस ने कसोल और मणिकर्ण के पर्यटन स्थलों पर चौकसी बढ़ा दी है। बाहरी राज्यों से आने वाले कई सैलानी चेतावनी के बावजूद नदी के किनारे जाकर रील्स बनाने और सेल्फी खींचने की लापरवाही कर रहे हैं। पुलिस ने ऐसे हुड़दंगियों पर नकेल कसने के लिए नदी के डेंजर ज़ोन पर स्थायी जवान तैनात कर दिए हैं और नियमों की धज्ज़ियां उड़ाने वालों के मौके पर ही चालान काटे जा रहे हैं।


​गोहर और करसोग ब्लॉक के संपर्क मार्ग भूस्खलन से ठप, दूध और सब्जी उत्पादकों की बढ़ी धड़कनें
​गोहर/करसोग: मंडी के ऊपरी क्षेत्रों गोहर और करसोग ब्लॉक को मुख्य जिला मुख्यालय से जोड़ने वाले आधा दर्जन link road पहाड़ों से आए भारी मलबे के कारण पूरी तरह जमींदोज हो गए हैं। रास्ते बंद होने से ग्रामीण इलाकों के दूध डेयरी संचालकों और स्थानीय सब्जी उत्पादकों की धड़कनें बढ़ गई हैं, क्योंकि वे अपनी ताज़ा उपज मंडियों तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं। लोक निर्माण विभाग (PWD) की जेसीबी मशीनें मलबे को साफ करने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन लगातार गिर रहे पत्थर काम में बाधा बन रहे हैं।


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