चंबा में मानसून की बारिश से तीसा-चुराह मार्ग पर लैंडस्लाइड, सड़कें बंद और हंसराज का सरकार पर हमला।

​मानसून की पहली ही मार से चंबा में हाहाकार: तीसा-चुराह मुख्य मार्ग लैंडस्लाइड से ठप, मलबे में तब्दील हुईं सड़कें; पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज का सरकार पर तीखा हमला, दावों को बताया कागज़ी

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पंजाब दस्तक
​वरिष्ठ पत्रकार: भेषज

​मूसलाधार बारिश से तीसा-चुराह में तबाही, विधायक हंसराज ने सरकार और प्रशासन को बुरी तरह घेरा; बोले- जनता सड़कों पर, सो रहा है तंत्र
​चुराह/तीसा: जिला चंबा के ऊंचाई वाले क्षेत्रों, विशेषकर चुराह और तीसा ब्लॉक में बीती रात से हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। तीसा-चंबा मुख्य मार्ग कई स्थानों पर भारी भूस्खलन (लैंडस्लाइड) के कारण पूरी तरह से बंद हो गया है, जिससे क्षेत्र की दर्जनों पंचायतों का संपर्क जिला मुख्यालय से पूरी तरह कट चुका है। इस बदइंतजामी पर कड़ा संज्ञान लेते हुए चुराह के विधायक और पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज ने बंद पड़े मार्गों और ठप पड़ी बिजली-पानी की व्यवस्था को लेकर सीधे प्रशासन और प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मानसून की पहली ही बारिश ने लोक निर्माण विभाग और बिजली बोर्ड की तैयारियों का जनाजा निकाल दिया है; जनता मलबे के बीच रातें काटने को मजबूर है और अफसर चैन की नींद सो रहे हैं।


​जनजातीय क्षेत्र पांगी और भरमौर में बिगड़ा मौसम का मिजाज, जुलाई में गिरी बर्फ; कड़ाके की ठंड से कंपकपाए लोग
​पांगी/भरमौर: चंबा जिला के सुदूर और जनजातीय ब्लॉकों पांगी और भरमौर में मौसम के तेवर पूरी तरह बदल गए हैं। निचले इलाकों में जहां आसमानी आफत बरस रही है, वहीं पांगी और भरमौर की ऊंची चोटियों पर ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है। इसके चलते जुलाई के महीने में भी इन क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड का प्रकोप शुरू हो गया है और लोगों को भारी गर्म कपड़े निकालने पड़े हैं। भूस्खलन और पहाड़ों से पत्थर गिरने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने भरमौर-पठानकोट हाईवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों को बेहद सतर्क रहने का अल्टीमेटम जारी किया है।


​सलूणी और किहार ब्लॉक में नदी-नालों का रौद्र रूप, संपर्क मार्ग बहे; खेतों में घुसा सैलाब, फसलें नष्ट
​सलूणी/किहार: सलूणी और किहार ब्लॉक के ग्रामीण क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश के चलते स्थानीय नदी-नाले विकराल रूप धारण कर चुके हैं। नालों का पानी ओवरफ्लो होकर मुख्य सड़कों पर बह रहा है, जिससे कई लिंक रोड पूरी तरह कीचड़ और मलबे के ढेर में तब्दील हो गए हैं। स्थानीय किसानों का गुस्सा फूट पड़ा है; पहाड़ों से बहकर आई सिल्ट और पत्थरों के कारण मक्की की खड़ी फसल और सेब के बगीचों को भारी नुकसान पहुंचा है। लोक निर्माण विभाग की जेसीबी मशीनें मार्ग बहाली में जुटी हैं, लेकिन लगातार जारी बारिश काम में रोड़ा अटका रही है।


​चंबा के ऐतिहासिक चौगान के पास खुला नगर परिषद का ‘पोल-पट्टी’, मुख्य बाजार तालाब में तब्दील; रेंगते रहे राहगीर
​चंबा मुख्य बाजार: जिला मुख्यालय चंबा के मुख्य बाजारों, कचहरी रोड और ऐतिहासिक चौगान के समीप नगर परिषद के ड्रेनेज दावों की पूरी तरह हवा निकल गई है। नालियों की समय पर सफाई न होने के कारण आज सुबह की बारिश का पानी मुख्य मार्ग पर जमा हो गया, जिससे दुकानदारों के शोरूम और राहगीरों के रास्तों में पानी घुस गया। स्थानीय व्यापार मंडल ने नगर परिषद के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा कि हर साल मानसून तैयारियों के नाम पर लाखों का बजट ठिकाने लगाया जाता है, लेकिन ज़मीनी हकीकत आज सबके सामने तैर रही है।


​भटियात और सिहुंता में अंधड़ का तांडव: कई घरों की छतें उड़ीं, ट्रांसफार्मर फुके; दर्जनों गांव अंधेरे में डूबे
​भटियात/सिहुंता: जिला के मैदानी ब्लॉक भटियात और सिहुंता क्षेत्र में मूसलाधार बारिश के साथ आए तेज अंधड़ ने भारी तबाही मचाई है। रात भर चले चक्रवाती तूफान के कारण कई कच्चे मकानों और गोशालाओं की टीन की छतें हवा में उड़ गईं। इसके अलावा, भारी पेड़ बिजली की लाइनों पर गिरने से खंभे उखड़ गए हैं और मुख्य ट्रांसफार्मर पूरी तरह फुक गए हैं। विद्युत बोर्ड के कर्मचारी सुबह से ही प्रभावित इलाकों में ब्लैकआउट की स्थिति को खत्म करने और आपूर्ति बहाल करने के लिए फील्ड में पसीना बहा रहे हैं।


​चंबा-तीसा पेयजल योजना गाद के चक्रव्यूह में फंसी, नलों से टपका मटमैला पानी; जल शक्ति विभाग की सांसें फूलीं
​प्रशासनिक ब्यूरो: भारी बारिश के कारण रावी नदी और स्थानीय खड्डों का जलस्तर बढ़ने से जल शक्ति विभाग की मुख्य पेयजल योजनाओं के पंपिंग स्टेशनों में भारी मात्रा में गाद (सिल्ट) और मलबा जमा हो गया है। इसके चलते सुबह के समय चंबा शहर के कई वार्डों और तीसा के ग्रामीण इलाकों में नलों से गंदे और मटमैले पानी की सप्लाई हुई, जिसे देखकर जनता भड़क उठी है। जल शक्ति विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सिल्टिंग की समस्या को दूर करने के लिए युद्ध स्तर पर मशीनों को काम पर लगाया गया है और फिल्टर प्लांट साफ होने के बाद ही शुद्ध पानी की आपूर्ति नियमित हो पाएगी।


​भीषण गर्मी से त्रस्त पर्यटकों के लिए संजीवनी बना मिनी स्विट्जरलैंड, सुहावने मौसम के बीच खजियार में उमड़ी भीड़
​खजियार: मैदानी राज्यों में जारी भीषण गर्मी और लू से तंग आकर सैलानियों ने हिमाचल के मिनी स्विट्जरलैंड कहे जाने वाले खजियार और चंबा की वादियों का रुख कर लिया है। चंबा जिला में मानसून की दस्तक के बाद तापमान में आई भारी गिरावट के चलते पर्यटकों की आमद अचानक बढ़ गई है। स्थानीय होटल व्यवसायियों और टैक्सी ऑपरेटरों का कहना है कि वीकेंड के लिए एडवांस बुकिंग पूरी तरह फुल हो चुकी है, जिससे ठप पड़े पर्यटन कारोबार को दोबारा रफ्तार मिलने की उम्मीद जगी है।


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