● मुख्यमंत्री का बड़ा एलान- ‘राज्य को आत्मनिर्भर बनाने के लिए दिन-रात कर रहा हूँ काम’
● कांगड़ा के पठियार में महाराणा प्रताप की 487वीं जयंती पर पहुंचे सीएम; इंडोर स्टेडियम के लिए ₹1 करोड़ की घोषणा
● सुक्खू सरकार के प्रयासों से सुलझे किसाऊ बांध और वाइल्ड फ्लावर हॉल जैसे वर्षों पुराने बड़े विवाद
धर्मशाला/पठियार (पंजाब दस्तक, वरिष्ठ पत्रकार भेसज):
हिमाचल प्रदेश को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और देश का सबसे समृद्ध राज्य बनाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एक और बड़ी कामयाबी का एलान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार के कड़े और सतत प्रयासों का ही नतीजा है कि किन्नौर जिला में स्थापित ‘करछम बांगतू जल विद्युत परियोजना’ से अब हिमाचल प्रदेश के खजाने में हर साल ₹150 करोड़ की अतिरिक्त आय जुड़ेगी।
बुधवार को जिला कांगड़ा के महाराणा प्रताप इंटरनेशनल公共 स्कूल, पठियार में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 487वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने यह ऐतिहासिक घोषणा की। इस मौके पर उन्होंने युवा खिलाड़ियों को बड़ी सौगात देते हुए स्कूल के इंडोर स्टेडियम के निर्माण के लिए ₹1 करोड़ की राशि देने का भी एलान किया।
सुक्खू सरकार के कुशल वित्तीय प्रबंधन से बढ़ा राजस्व
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “मेरा एकमात्र सपना हिमाचल को अपने पैरों पर खड़ा करना है, और इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए मैं दिन-रात काम कर रहा हूँ।” उन्होंने कहा कि पिछले ढाई वर्षों के दौरान सरकार ने अपने विवेकपूर्ण वित्तीय प्रबंधन के बल पर हजारों करोड़ रुपए की अतिरिक्त आय अर्जित की है।
सरकार की इसी मजबूत पैरवी के कारण 422 मेगावाट क्षमता वाली किसाऊ बांध परियोजना का रास्ता साफ हुआ है। केंद्र सरकार ने इसके लाभार्थी राज्यों द्वारा हिमाचल प्रदेश के विद्युत घटक पर होने वाली करीब ₹2,000 करोड़ की लागत को वहन करने पर सैद्धांतिक रूप से अपनी सहमति दे दी है। इसके साथ ही, सालों से लटके वाइल्ड फ्लावर हॉल होटल मामले को भी सरकार ने पूरी ताकत से लड़कर प्रदेश के हित में सुलझाया है।
केंद्र से उठाई हिमाचल के हक की आवाज, विशेष समिति बनाने की मांग
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के समक्ष राज्य के वैध अधिकारों को मजबूती से रखने का जिक्र करते हुए बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री से हिमाचल के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित करने का विशेष आग्रह किया है। यह समिति:
राजस्व घाटा अनुदान (Revenue Deficit Grant) की समाप्ति,
भयंकर प्राकृतिक आपदाओं से राज्य को हुए नुकसान,
जल विद्युत परियोजनाओं में मुफ्त बिजली के हिस्से में हुई कटौती,
और जीएसटी व्यवस्था से उत्पन्न राजस्व हानि का निष्पक्ष आकलन कर सके, ताकि हिमाचल को उसका पूरा हक मिल सके।
सीएम ने साफ किया कि सरकार ग्रीन बोनस हासिल करने, 110 मेगावाट क्षमता वाले ऐतिहासिक सानन विद्युत प्रोजेक्ट को पंजाब से वापस लेने और भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) से राज्य के करोड़ों रुपए के लंबित बकाए की वसूली के लिए पूरी शिद्दत से प्रयासरत है।
महाराणा प्रताप के स्वाभिमान से प्रेरणा लेने का आह्वान
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमूह, विशेषकर युवा पीढ़ी से वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के गौरवशाली जीवन, उनके अदम्य साहस और राष्ट्रप्रेम से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप का स्वाभिमान और त्याग हमेशा देश और समाज को सही दिशा दिखाता रहेगा।
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