हिमाचल विधानसभा मानसून सत्र 21 अगस्त से शुरू होने की तैयारियां

हिमाचल प्रदेश 14वीं विधानसभा का 12वां मानसून सत्र 21 अगस्त से: अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने सुरक्षा व व्यवस्थाओं का लिया जायजा, 35 बैठकों का लक्ष्य होगा पूरा

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​(सुरेंद्र सिंह राणा, ब्यूरो चीफ, पंजाब दस्तक)


शिमला: हिमाचल प्रदेश की 14वीं विधानसभा के आगामी मानसून सत्र (12वें सत्र) के सुचारू, सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण संचालन को लेकर आज विधानसभा परिसर में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने की। इस दौरान सत्र के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने, ट्रैफिक प्रबंधन और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त रखने के संबंध में पुलिस व नागरिक प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए।


​विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए बताया कि 14वीं विधानसभा का 12वां (मानसून) सत्र 21 अगस्त से 3 सितंबर तक आयोजित किया जाएगा। इस दौरान कुल 10 बैठकें (सिटिंग्स) प्रस्तावित हैं।


​1. कानून व्यवस्था, सुरक्षा और जनसुविधा पर विशेष जोर
​सत्र की तैयारियों की जानकारी देते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कहा:
​पारंपरिक समीक्षा: हर सत्र से पूर्व सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित करने की परंपरा रही है, उसी तर्ज पर आज भी पुलिस और प्रशासन के उच्च अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा हुई।
​माननीय सदस्यों व जनता की सुविधा: अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सत्र के दौरान माननीय विधायकों, प्रदेश भर के विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों, आम नागरिकों तथा मुख्यमंत्री व मंत्रियों से मिलने आने वाले लोगों की आवाजाही में कोई रुकावट न आए।
​मीडिया सुगमता: मीडिया प्रतिनिधियों के लिए निर्धारित प्रवेश द्वारों (गेट्स) से सुचारू आवाजाही की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
​प्रदर्शन प्रबंधन: सत्र के दौरान होने वाले संभावित धरना-प्रदर्शनों से निपटने के लिए पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर त्वरित व उचित निर्णय लेने के निर्देश दिए गए हैं।


​2. सदन का शांतिपूर्ण संचालन प्राथमिकता
​विधानसभा अध्यक्ष ने विश्वास जताया कि इससे पूर्व आयोजित 11 सत्रों की तरह यह 12वां सत्र भी पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि विधानसभा परिसर के भीतर और आसपास कानून व्यवस्था बनाए रखना अध्यक्ष का संवैधानिक अधिकार क्षेत्र है और इसका कड़ाई से पालन किया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी माननीय सदस्य जनहित और अपने-अपने क्षेत्रों के मुद्दों पर सदन में रचनात्मक चर्चा में भाग लेंगे।


​3. विधानसभा को मिलने लगे प्रश्न और नोटिस: 20 अगस्त को होगी प्रेस कॉन्फ्रेंस
​मानसून सत्र की विधायी तैयारियों पर बोलते हुए अध्यक्ष ने बताया कि विधायकों की ओर से प्रश्न और विभिन्न नियमों (जैसे नियम 130, 62, और 61) के तहत नोटिस मिलने शुरू हो चुके हैं। इन सभी सूचनाओं को नियमानुसार आगामी कार्रवाई हेतु राज्य सरकार को भेज दिया गया है।
​उन्होंने बताया कि सत्र शुरू होने से ठीक एक दिन पहले, यानी 20 अगस्त को वे प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मीडिया और जनता के सामने प्राप्त प्रश्नों (तारांकित व अतारांकित) और चर्चा प्रस्तावों का पूरा ब्योरा साझा करेंगे।


​4. सालाना 35 बैठकों के नियम को पूरा करेगी विधानसभा
​सत्र की अवधि पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा देश की उन चुनिंदा विधानसभाओं में से है, जहाँ नियम बनाकर साल में कम से कम 35 बैठकें आयोजित करना अनिवार्य किया गया है।
​बैठकों का ब्योरा देते हुए उन्होंने बताया:
​बजट सत्र: 16 बैठकें सफलतापूर्वक आयोजित की जा चुकी हैं।
​मानसून सत्र: 10 बैठकें आयोजित की जा रही हैं (कुल 26 बैठकें)।
​शीतकालीन सत्र: आगामी शीतकालीन सत्र में 9 से 10 बैठकें होंगी।
​इस प्रकार विधानसभा 35 बैठकों के अपने निर्धारित वैधानिक लक्ष्य को हर हाल में पूरा कर लेगी।


​5. आपदा प्रबंधन: प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत राहत और मार्ग बहाली के निर्देश
​प्रदेश में हो रही भारी बरसात से हुए नुकसान पर चिंता व्यक्त करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि चंबा जिले सहित प्रदेश के कई जिलों में बुनियादी ढांचे को भारी क्षति पहुंची है।
​मुख्यमंत्री जी ने स्वयं चंबा के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया है।
​लोक निर्माण विभाग (PWD) को कड़े आदेश दिए गए हैं कि जहाँ भी सड़कें अवरुद्ध हों, तुरंत भारी मशीनरी तैनात करके यातायात को सुचारू बनाया जाए।
​उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र (भटियात) का उदाहरण देते हुए बताया कि मुख्य सड़कों को नुकसान पहुँचने के बावजूद त्वरित मशीनरी तैनात कर यातायात को निरंतर बहाल रखा गया है।


​6. पेपर लीक पर चिंता: व्यवस्था में शत-प्रतिशत पारदर्शिता जरूरी
​देश और प्रदेश में सामने आई पेपर लीक की घटनाओं पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने इसे अत्यंत दुखद और शर्मनाक बताया।
​उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं और उनके अभिभावकों की उम्मीदों के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। लोकतांत्रिक व्यवस्था में शासन-प्रशासन को पूरी तरह पारदर्शी होना होगा और प्रणाली को इतना पुख्ता बनाना होगा ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे किसी राजनीतिक दल के प्रतिनिधि के रूप में नहीं, बल्कि विधानसभा अध्यक्ष के तटस्थ संवैधानिक पद पर बैठकर अपनी बात रख रहे हैं।


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