पूर्व विधायक होशियार सिंह चंबियाल पर विधायक ऐच्छिक निधि के कथित दुरुपयोग मामले में विजिलेंस द्वारा FIR दर्ज

​पूर्व विधायक होशियार सिंह चंबियाल पर विजिलेंस का शिकंजा: विधायक ऐच्छिक निधि के दुरुपयोग मामले में FIR दर्ज

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पंजाब दस्तक
वरिष्ठ संवाददाता: भेषज (देहरा
)


देहरा।हिमाचल प्रदेश में विधायक ऐच्छिक निधि (MLALAD) के कथित दुरुपयोग के मामले में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो (विजिलेंस) ने बड़ी और सख्त कार्रवाई करते हुए सियासी हलकों में हड़कंप मचा दिया है। देहरा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व निर्दलीय विधायक होशियार सिंह चंबियाल के खिलाफ गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर जांच की आंच तेज कर दी गई है। आरोप है कि जनता के विकास और असहायों की मदद के लिए मिलने वाली विधायक निधि को कागजों में बांटकर पर्दे के पीछे से पूरी रकम वापस वसूल ली गई।


​आखिर क्या है पूरा मामला?
मामला पूर्व विधायक की निजी फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारियों के बयानों और शिकायतों से गरमाया है। विजिलेंस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि जुलाई 2023 से जनवरी 2024 के बीच पूर्व विधायक ने अपनी फैक्ट्री में कार्यरत 16 कर्मचारियों को जिला प्रशासन के माध्यम से विधायक ऐच्छिक निधि से ₹50-50 हजार की आर्थिक सहायता स्वीकृत करवाई।


​आरोप है कि जैसे ही सहायता राशि कर्मचारियों के बैंक खातों में पहुंची, उसके तुरंत बाद उनसे विभिन्न हथकंडों और निर्देशों के जरिए नकदी या अन्य माध्यमों से पूरी रकम वापस ले ली गई। इस तरह से सरकारी खजाने से जारी करीब ₹8 लाख की राशि का सीधा फेरबदल किया गया।


​विजिलेंस की जांच में सामने आए पुख्ता सुराग
विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, कई लाभार्थियों ने पूछताछ में स्पष्ट बयान दिया है कि सरकारी राशि उनके खातों में क्रेडिट होने के बाद, उन्हें बैंक से पैसे निकालकर पूर्व विधायक के निर्देशों के तहत सौंपने को कहा गया था। बैंक स्टेटमेंट, सरकारी रिकॉर्ड और गवाहों के बयानों के आधार पर प्रथम दृष्टया सरकारी धन के गबन, धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात का मामला पूरी तरह स्पष्ट हो रहा है।


​धोखाधड़ी व आपराधिक साजिश की धाराओं में केस दर्ज
विजिलेंस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं (अमानत में खयानत और धोखाधड़ी) के तहत केस दर्ज किया है। जांच टीम का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह साक्ष्यों और तथ्यों पर आधारित है। आने वाले दिनों में इस पूरे खेल में शामिल अन्य अधिकारियों, कर्मचारियों या सहयोगियों की भूमिका को भी खंगाला जाएगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।


​पूर्व विधायक का पक्ष जानने का प्रयास रहा विफल
इस पूरे घटनाक्रम पर पूर्व विधायक होशियार सिंह चंबियाल का पक्ष जानने के लिए ‘पंजाब दस्तक’ के वरिष्ठ पत्रकार ने लगातार कई बार उनसे फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनका मोबाइल फोन लगातार बंद (स्विच ऑफ) आ रहा है। निष्पक्ष पत्रकारिता के सिद्धांतों का पालन करते हुए पंजाब दस्तक यह स्पष्ट करता है कि जैसे ही पूर्व विधायक से संपर्क होगा या उनका कोई आधिकारिक बयान आएगा, उसे भी प्रमुखता से जनता के सामने रखा जाएगा।


​ऐसी ही सटीक और ताजा खबरों के लिए देखते रहिए—’पंजाब दस्तक’!

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