वरिष्ठ पत्रकार: अक्षय धर्मशाला (पंजाब दस्तक)
धर्मशाला से ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान का शंखनाद; सुधीर शर्मा का दिखा मजबूत शक्ति प्रदर्शन, 2027 चुनाव से पहले हिसाब दे सरकार
भारतीय जनता पार्टी ने देवभूमि के प्रमुख राजनीतिक केंद्र धर्मशाला से ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत एक विशाल व प्रभावशाली पदयात्रा का आयोजन कर प्रदेशव्यापी जन-जागरूकता अभियान का बिगुल फूंक दिया है। धर्मशाला की सड़कों पर उमड़े जनसैलाब और कार्यकर्ताओं के उत्साह ने प्रदेश सरकार की विफलताओं के खिलाफ जनता के जनाक्रोश को स्पष्ट कर दिया।
इस भव्य जन-अभियान के मुख्य वक्ता एवं कांगड़ा-चंबा लोकसभा क्षेत्र से लोकप्रिय सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने कांग्रेस पार्टी तथा ‘इंडी’ गठबंधन की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी लोकतांत्रिक संस्थाओं का सम्मान करना पूरी तरह भूल चुकी है।
”हार पर रोने के बजाय आत्ममंथन करे कांग्रेस”
जनसभा को संबोधित करते हुए सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने सीधा हमला बोलते हुए कहा:
”कांग्रेस पार्टी को चुनाव आयोग और EVM पर मनगढ़ंत आरोप लगाने से पहले अपने लगातार गिरते प्रदर्शन का आत्ममंथन करना चाहिए। जब चुनावी नतीजे कांग्रेस के हक में आते हैं, तब उन्हें चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष लगती है; लेकिन हार मिलते ही वे संवैधानिक संस्थाओं पर कीचड़ उछालने लगते हैं।”

बैलेट पेपर (मतपत्र) के चुनावों में भी पस्त हुई कांग्रेस
सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने तथ्यों के साथ कांग्रेस को घेरते हुए याद दिलाया कि हाल ही में उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक और महाराष्ट्र के विधान परिषद शिक्षक एवं स्नातक क्षेत्रों में EVM के बजाय मतपत्रों (Paper Ballots) से चुनाव हुए थे।
उन्होंने तीखा सवाल दागा:
”कर्नाटक में कांग्रेस की अपनी सरकार होने के बावजूद भाजपा-जदएस (BJP-JDS) गठबंधन ने चारों सीटों पर शानदार जीत का परचम लहराया। अब राहुल गांधी देश को बताएं कि मतपत्रों से हुए चुनावों में मिली इस करारी हार का दोष वे किसे देंगे?”
उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में मतपत्र हो या EVM, जनादेश का सम्मान करना ही सच्चा लोकतांत्रिक आचरण है। यदि कोई शिकायत है, तो उसे तथ्यों और प्रमाणों के साथ संवैधानिक संस्थाओं के समक्ष रखा जाना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस की प्रस्तावित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली पर तंज कसते हुए कहा कि खोखले नारों के बजाय कांग्रेस नेतृत्व को अपने बिखरे हुए संगठन पर जवाब देना चाहिए।
विधायक सुधीर शर्मा का धमाकेदार शक्ति प्रदर्शन
इस पूरे अभियान और पदयात्रा के दौरान धर्मशाला के लोकप्रिय विधायक एवं पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा का जबरदस्त प्रभाव और राजनीतिक दबदबा साफ नजर आया। सुधीर शर्मा ने रैली में पूरी ताकत झोंकते हुए विशाल जन-सैलाब को एकजुट किया। कार्यक्रम में उनकी सक्रिय भूमिका, करिश्माई नेतृत्व और धमाकेदार मौजूदगी ने कार्यकर्ताओं में नया जोश भर दिया। जन-समस्याओं को प्रखरता से उठाने और धर्मशाला की जनता के हकों की लड़ाई मजबूती से लड़ने के लिए सुधीर शर्मा के नेतृत्व की उपस्थित जनसमूह ने जमकर सराहना की।
वर्ष 2027 से पहले 10 गारंटियों का पूरा हिसाब दे सरकार: विपिन परमार
कार्यक्रम के दौरान भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं सुलाह के विधायक विपिन सिंह परमार ने कहा कि धर्मशाला से शुरू हुआ यह अभियान अब प्रदेश के कोने-कोने तक पहुंचेगा। इसके माध्यम से जनता के बीच संवैधानिक मूल्यों, लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा और प्रदेश सरकार की जवाबदेही से जुड़े गंभीर विषय उठाए जाएंगे।
विपिन परमार ने दोटुक शब्दों में कहा:
”कांग्रेस को चुनाव प्रक्रिया पर उंगली उठाने के बजाय अपनी 10 गारंटियों और चुनावी वादों की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले हिमाचल की जनता को इस सरकार के कार्यकाल का पूरा लेखा-जोखा जानने का पूरा अधिकार है।”
उन्होंने कहा कि महिलाओं को ₹1500 प्रतिमाह देने, युवाओं को रोजगार, किसानों-बागवानों को राहत और कर्मचारियों के हितों की रक्षा से जुड़े वादों की प्रगति पर सरकार को जवाब देना होगा।
रैली में उमड़ा दिग्गज नेताओं व कार्यकर्ताओं का हुजूम
धर्मशाला में आयोजित इस ऐतिहासिक जन-जागरण अभियान में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने एकजुट होकर हुंकार भरी।
प्रमुख रूप से उपस्थित रहे:
सांसद व विधायक: कांगड़ा-चंबा सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष व विधायक विपिन सिंह परमार, धर्मशाला विधायक सुधीर शर्मा, विधायक पवन काजल, विधायक ठाकुर रणवीर सिंह निक्का।
पूर्व मंत्री व पूर्व विधायक: पूर्व मंत्री सरवीन चौधरी, पूर्व विधायक अरुण कुमार मेहरा (कुक्का), विशाल नेहरिया, मूलखराज प्रेमी, रवि धीमान, ठाकुर अर्जुन सिंह एवं रीता दीवान।
वरिष्ठ पदाधिकारी: भाजपा वरिष्ठ प्रवक्ता त्रिलोक कपूर, प्रवक्ता संजय शर्मा, विनय शर्मा, संजय गुलेरिया, पंकज जंबाल, विनोद ठाकुर, संजीव शर्मा, विश्वचक्षु।
इसके अलावा भाजपा के तीनों संगठनात्मक जिलों के पदाधिकारी, अग्रिम संगठनों के प्रतिनिधि और भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। धर्मशाला से उठी यह विरोध की गूंज आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति में नया मोड़ लाएगी।
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