वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र राणा
सोलन (पंजाब दस्तक): हिमाचल प्रदेश में वित्तीय संकट और भारी अनियमितताओं से जूझ रहे बघाट अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक सोलन पर राज्य सरकार ने बहुत बड़ी कार्रवाई की है। सरकार ने बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर (BOD) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही बैंक के रोजमर्रा के कामकाज और वित्तीय स्थिति को सुधारने के लिए तीन अनुभवी सरकारी प्रशासकों की नियुक्ति कर दी गई है। रजिस्ट्रार सहकारी समितियां दोर्जे छेरिंग नेगी की ओर से बोर्ड को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
138 करोड़ तक पहुंचा NPA, RBI ने लगाई है कैपिंग
बैंक की इस बदहाली के पीछे सबसे बड़ा कारण लगातार बढ़ता हुआ एनपीए (NPA) है। वर्तमान में बैंक का एनपीए 138 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। इस भारी वित्तीय संकट के चलते भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंक के लेनदेन पर कैपिंग लगाई हुई है, जिसकी अवधि 8 जुलाई को समाप्त हो रही है। दरअसल, बैंक की निरंतर वैधानिक निरीक्षण रिपोर्ट्स में यह सामने आया है कि साल 2017-18 से ही बघाट बैंक के कामकाज में गंभीर अनियमितताएं की जा रही थीं।
इन अनुभवी प्रशासकों को सौंपी कमान
बैंक की वित्तीय स्थिति को पटरी पर लाने और दैनिक प्रबंधन को संभालने के लिए नियुक्त किए गए तीन अनुभवी सरकारी प्रशासकों में विवेक सूद, गिरीश नड्डा और संजय कुमार शर्मा शामिल हैं।
अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित पूरा बोर्ड पद से आउट
राज्य सरकार द्वारा निलंबित की गई बोर्ड के तहत अध्यक्ष अरुण शर्मा और उपाध्यक्ष किरण किशोर ठाकुर को हटा दिया गया है। इसके अलावा निदेशक मंडल (बोर्ड मेंबर्स) के सदस्य सुंदर सिंह ठाकुर, संजीव कुमार, अमर सिंह, कृष्ण लाल ग्रोवर, कल्पना ठाकुर और गगन चौहान को भी निदेशक पद से तुरंत प्रभाव से हटा दिया गया है।
ब्यूरो रिपोर्ट: वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र राणा।
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