IAS अमरजीत सिंह बने हिमाचल के गृह सचिव, सरकार ने सौंपी बड़ी जिम्मेदारी

बड़ी जिम्मेदारी: IAS अमरजीत सिंह संभालेंगे हिमाचल के गृह सचिव का कार्यभार; ईमानदारी, कड़े और त्वरित फैसलों के लिए जाने जाते हैं अधिकारी

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​विशेष रिपोर्ट: सुरेंद्र राणा, ब्यूरो चीफ (पंजाब दस्तक)
​शिमला/हमीरपुर:
हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त करने के उद्देश्य से एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने राज्य के सबसे ईमानदार, बेहद सक्रिय और कर्तव्यनिष्ठ वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमरजीत सिंह को सचिव (गृह) का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है। इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी होते ही प्रशासनिक गलियारों से लेकर आम जनता के बीच सरकार के इस फैसले का पुरजोर स्वागत किया जा रहा है और चारों तरफ खुशी की लहर है।


​ईमानदारी और कड़े फैसलों की मिसाल हैं अमरजीत सिंह
​आईएएस अमरजीत सिंह की गिनती प्रदेश के उन गिने-चुने अधिकारियों में होती है जो अपनी बेदाग छवि, पारदर्शिता और ‘क्विक डिसीजन मेकिंग’ (त्वरित निर्णय लेने की क्षमता) के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अपने प्रशासनिक करियर में जिस भी पद की जिम्मेदारी संभाली, वहां काम करने का एक नया प्रतिमान स्थापित किया। चाहे नगर निगम (MC) के कमिश्नर का पद रहा हो या अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक भूमिकाएं, अमरजीत सिंह का काम हमेशा धरातल पर बोलता आया है।


​कार्मिक (पर्सनल) विभाग का लंबा अनुभव आएगा काम
​अमरजीत सिंह को ब्यूरोक्रेसी और प्रशासनिक मामलों का बेहद गहरा और लंबा अनुभव है। वे राज्य सरकार के ‘पर्सनल’ (कार्मिक) विभाग में भी काफी वर्षों तक अपनी सेवाएं दे चुके हैं। पर्सनल विभाग में रहते हुए उन्होंने जिस कुशलता और ईमानदारी से सर्विस और एडमिनिस्ट्रेटिव मामलों को संभाला, उसकी सराहना आज भी होती है। इसी लंबे और सफल अनुभव को देखते हुए सरकार ने उन पर बड़ा भरोसा जताया है और गृह सचिव जैसी अत्यंत संवेदनशील और बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।


​हमीरपुर में आज भी जिंदा है ‘खेतों की मेढ़’ वाला जनता से जुड़ाव
​बतौर जिलाधीश (डीसी) हमीरपुर, अमरजीत सिंह ने जनसेवा की एक ऐसी अनूठी मिसाल पेश की है जो आज भी मिसाल के तौर पर याद की जाती है। वे दफ्तरों के बंद कमरों की बंदिशों को तोड़कर सीधे जनता के बीच जाने वाले अधिकारी रहे हैं। हमीरपुर के ग्रामीण इलाकों का दौरा करना, खेतों की मेढ़ों पर बैठकर आम ग्रामीणों की समस्याओं को सुनना और मौके पर ही उनका निपटारा कर न्याय दिलाना उनकी विशिष्ट पहचान रही है। स्थानीय जनता का मानना है कि यदि ऐसे संवेदनशील और जमीन से जुड़े अधिकारी उच्च पदों पर रहें, तो सूबे का भला होना निश्चित है।


​नशे के खिलाफ कड़े एक्शन और कानून-व्यवस्था सुदृढ़ होने की उम्मीद
​गृह सचिव का पदभार संभालने के बाद अब प्रदेश की कानून-व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा को और अधिक मजबूती मिलने की पूरी उम्मीद है। वर्तमान में राज्य के सामने खड़ी नशाखोरी जैसी गंभीर सामाजिक और प्रशासनिक चुनौती पर नकेल कसने में उनकी कड़क कार्यशैली और स्वच्छ छवि बेहद कारगर साबित होगी। राज्य की जनता को पूरा विश्वास है कि उनके कुशल नेतृत्व में गृह विभाग पूरी पारदर्शिता, मुस्तैदी और सख्ती के साथ काम करेगा।

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