शिमला, सुरेंद्र राणा:हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला में भाजपा पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि पांच गुटों में बंटी भाजपा हिमाचल प्रदेश में अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है। कौन गुट किस गुट के बीज का समूलनाश करेगा यह भाजपा के ही गुट को पता होगा लेकिन भाजपा हिमाचल के हितों की लड़ाई लड़ने में सरकार का साथ नहीं दे रही है।RDG को लेकर भाजपा खामोश है। असम दौरे से लौटे सीएम ने हेमंत विश्वा सरमा की भाषा शैली पर भी आपत्ति जताई है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि पवन खेड़ा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता है। हेमंत विश्वा सरमा जिस तरह की भाषा शैली का इस्तेमाल उनके लिए कर रहे हैं वह दुर्भाग्यपूर्ण है। पवन खेड़ा ने जो भी कहा है वह तथ्यों के अनुसार कहा है इस तरह की भाषा शैली का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पूर्व सीएम जयराम के सैलरी डेफर वाले बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में किसी भी तरह का आर्थिक संकट नहीं है बल्कि वित्तीय अनुशासन के लिए सरकार ने कुछ कदम उठाए हैं जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और हिमाचल प्रदेश आत्मनिर्भर होगा लेकिन सरकार RDG में कट लगा कर सरकार के पांव को रोकने में लगी है।RDG सरकार नहीं बल्कि हिमाचल के लोगों का अधिकार है जिसे केंद्र भाजपा सरकार छीनने का काम कर रही है और हिमाचल भाजपा इसमें भी अपनी राजनीति चमकाने में लगी है। हिमाचल भाजपा RDG बहाली के लिए वित्त मंत्री से मिलने सरकार के साथ नहीं गई।
वहीं मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सेवा विस्तार औद पुनः नियुक्ति पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने की बात कही और कहा कि अब भविष्य में किसी भी कर्मचारी या अधिकारी को सेवा विस्तार या पुनर्नियुक्ति नहीं दी जाएगी। केवल विशेष परिस्थितियों व अच्छे कार्यों को देखकर ही सरकार विचार करेगी।सोशल मीडिया में बीते कल से एक सेवा विस्तार को लेकर चर्चा हो रही है वह दिसम्बर महीने की पुनर्नियुक्ति है न कि कल के आदेश हैं।
पंचायत चुनाव को लेकर डीसी को दी गई आरक्षण की 5 फीसदी शक्तियों पर रोक लगाने के फैसले को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार समय समय पर इस तरह के निर्णय लेती रहती है और हाई कोर्ट ने जो निर्णय दिया है उसका सरकार सम्मान करती है।
