सुरेंद्र राणा, ब्यूरो चीफ शिमला: हिमाचल प्रदेश की राजनीति के ‘धूमकेतु’, दो बार मुख्यमंत्री की कमान संभालने वाले और भारतीय जनता पार्टी के करोड़ों कार्यकर्ताओं के प्रेरणास्रोत प्रो. प्रेम कुमार धूमल का आगामी 10 अप्रैल को जन्मदिवस है। इस अवसर पर पूरे प्रदेश में उत्साह की लहर है। यह उस ‘विकास पुरुष’ को नमन करने का दिन है, जिसने देवभूमि के दुर्गम पहाड़ों का सीना चीरकर विकास की नई इबारत लिखी।अद्भुत याददाश्त: चंबा से रामपुर तक हर कार्यकर्ता को ‘नाम’ से पुकारनाधूमल जी की सबसे बड़ी शक्ति उनकी विलक्षण याददाश्त और कार्यकर्ताओं के प्रति आत्मीयता रही है। चाहे चंबा का दुर्गम क्षेत्र हो, रामपुर की ऊंचाइयां हों, ऊना के मैदान हों या फिर कांगड़ा और हमीरपुर का दौरा—धूमल जी हर छोटे-बड़े कार्यकर्ता को उसके नाम से पुकारते थे। कार्यकर्ताओं के लिए यह केवल पहचान नहीं, बल्कि नेतृत्व का वह सम्मान था जिसने भाजपा को घर-घर तक पहुँचाया। आज भी कार्यकर्ता उस दौर को याद कर भावुक हो जाते हैं जब ‘ओकओवर’ (मुख्यमंत्री आवास) के द्वार हर आम कार्यकर्ता के लिए चौबीसों घंटे खुले रहते थे।”तुम जियो हजारों साल, साल के दिन हों पचास हजार।” > (ईश्वर से यही प्रार्थना है कि आपका मार्गदर्शन और स्नेह सदैव प्रदेश पर बना रहे)प्रशासनिक दक्षता: ‘सड़कों वाले मुख्यमंत्री’ और कड़े रिव्यूएक कुशल प्रशासक के रूप में धूमल जी की कार्यशैली बेमिसाल थी। वे हर विभाग की बारीकी से समीक्षा (Review) करते थे और फाइलों पर उनकी पैनी नजर रहती थी। उनके द्वारा लिए गए ‘सुनहरे फैसले’ आज भी हिमाचल की प्रगति का आधार स्तंभ हैं। उन्हें ‘सड़कों का मसीहा’ कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने माना था कि विकास का रास्ता सड़क से होकर गुजरता है।संसद में बुलंद आवाज़ और ‘अटल-मोदी’ का अटूट साथजब वे मेंबर ऑफ पार्लियामेंट (MP) के रूप में लोकसभा में खड़े होते थे, तो उनकी तर्कशक्ति और बुलंद आवाज़ की गूँज दिल्ली के गलियारों तक सुनाई देती थी। पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के वे अत्यंत विश्वासपात्र रहे, तो वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के साथ उनका रिश्ता बेहद आत्मीय रहा है। जब मोदी जी हिमाचल के प्रभारी थे, तब इन दोनों महानायकों ने मिलकर संगठन की वो मजबूत नींव रखी थी, जिस पर आज भाजपा का विशाल महल खड़ा है।दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की मंगलकामनाआज पूरे प्रदेश की जनता और भाजपा कार्यकर्ता हृदय से ईश्वर से यही प्रार्थना कर रहे हैं कि प्रो. प्रेम कुमार धूमल जी को अत्यंत लंबी उम्र और उत्तम स्वास्थ्य मिले। उनका मार्गदर्शन प्रदेश के लिए हमेशा एक मजबूत सुरक्षा कवच की तरह बना रहे।
