शिमला, सुरेंद्र राणा: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में तीन दिन तक चली चर्चा के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू जैसे ही ज़बाब देने लगे तो सदन में माहौल गरमा गया जब मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया। पूर्व सरकार पर लगाए गए घोटाले के आरोपों को लेकर विपक्ष ने कड़ा विरोध जताया और सरकार पर झूठ बोलने के आरोप लगाए।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि, मुख्यमंत्री के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं और जनता का ध्यान भटकाने के लिए लगाए जा रहे हैं। अगर इतना बड़ा घोटाला हुआ है तो सरकार को जांच करानी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को निर्देश दिए जा रहे हैं कि भाजपा नेताओं के खिलाफ मामले दर्ज किए जाएं और पूर्व सरकार की योजनाओं की जांच की जाए। इससे साफ है कि सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि, कभी 100 करोड़ तो कभी 1100 करोड़ के घोटाले की बात कही जा रही है, जिससे साफ है कि सरकार खुद अपने आरोपों को लेकर स्पष्ट नहीं है।
उधर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि विपक्ष को वॉकआउट के लिए कोई न कोई बहाना चाहिए होता है। पूर्व भाजपा सरकार ने अपने कार्यकाल में प्रदेश की संपदा को दोनों हाथों से लुटाया। हिम केयर के नाम पर एक हज़ार करोड़ के घोटाले किए। स्वास्थ्य विभाग में खरीदे गए उपकरणों पर भी मुख्यमंत्री ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पांच गुटों में बंटी प्रदेश विरोधी भाजपा अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए बार बार वॉकआउट करती हैं।
