पंजाब दस्तक, सुरेंद्र राणा: चैत्र नवरात्र के चौथे दिन रविवार को मां के दर्शनों के लिए प्रदेश के शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। मां के दर्शनों के लिए मंदिरों में श्रद्धालुओं की लाइनें लगी रही। चौथे नवरात्र पर एक लाख 20 हजार श्रद्धालुओं ने मईया के चरणों में शीश नवाया। प्रदेश के पांच शक्तिपीठों में चिंतपूर्णी, ज्वाला जी, नयना देवी, बज्रेश्वरी देवी व चामुंडा देवी मंदिर में एक लाख 20 हजार श्रद्धालुओं ने माथा टेका। चार शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में 41 लाख 35 हजार 547 रुपए नकद चढ़ावा मां के चरणों में चढ़ाया है। प्रदेश में सबसे अधिक चढ़ावा नयनादेवी मंदिर न्यास 14 लाख 53 हजार 512 रुपए का नकद चढ़ावा प्राप्त हुआ है। श्रीनयनादेवी मंदिर में चौथे नवरात्र पर 28 हजार श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में शीश नवाया। अध्यक्ष धर्मपाल चौधरी ने बताया कि तीसरे नवरात्र पर 14 लाख 53 हजार 512 रुपए नकद चढ़ावा प्राप्त हुआ है।चिंतपूर्णी मंदिर में नवरात्र मेले के चौथे दिन करीब 30 हजार श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। चिंतपूर्णी मंदिर अधिकारी संजीव प्रभाकर ने बताया कि तीसरे नवरात्र पर मंदिर न्यास को नौ लाख 87 हजार 392 रुपए चढ़ावे के रूप में प्राप्त हुए हैं। ज्वालाजी मंदिर में चौथे नवरात्रे के दिन 42 हजार श्रद्धालुओं ने माथा टेका। ज्वाला जी मंदिर अधिकार अजय मंडयाल ने बताया कि तीसरे नवरात्र पर मंदिर न्यास को नौ लाख 87 हजार 392 रुपए का नकद चढ़ावा प्राप्त हुआ है। कांगड़ा स्थित बज्रेश्वरी देवी मंदिर में रविवार को 12 हजार श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में माथा टेका। मंदिर अधिकरी शिवाली ठाकुर ने बताया कि चैत्र नवरात्र मेले के तीसरे दिन मंदिर न्यास को चार लाख 10 हजार 97 रुपये का नकद चढ़ावा प्राप्त हुआ है। इसके अलावा चामुंडा देवी मंदिर में रविवार को आठ हजार श्रद्धालुओं ने मईया के चरणों में शीश नवाया।दियोटसिद्ध मंदिर में 50 हजार भक्तों ने टेका माथादियोटसिद्ध। उत्तरी भारत के सिद्धपीठ बाबा बालकनाथ मंदिर दियोटसिद्ध में रविवार को लगभग 50 हजार के करीब श्रद्धालुओं ने बाबाजी के दरबार में माथा टेका। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं द्वारा बाबाजी के खूब जयकारे लगाए गए। हिमाचल साहित्य देश के अन्य राज्यों व विदेश से भी श्रद्धालु बाबाजी के दर्शनों के लिए आए थे। बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में हर वर्ष चैत्र मास मेले के दौरान श्रद्धालुओं की काफी भीड़ बाबाजी के दर्शनों के लिए आती है। इस बार भी ऐसा नजारा देखने को मिल रहा है। कई श्रद्धालु जथों में पहुंचे तथा बाबा बालकनाथ के दर्शन किए।
