शिमला, सुरेंद्र राणा:मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू अपने कार्यकाल का चौथा बजट शनिवार को पेश करेंगे। राज्य विधानसभा में मुख्यमंत्री का बजट भाषण सुबह 11 बजे शुरू होगा। हिमाचल प्रदेश के वित्तीय वर्ष 2026-27 के इस बजट में केंद्र सरकार की ओर से राजस्व घाटा अनुदान बंद करने का असर नजर आएगा, क्योंकि मुख्यमंत्री सुक्खू इस बारे में पहले ही संकेत दे चुके हैं। बजट अनुमानों में चालू वित्त वर्ष की तुलना में संभवतया ज्यादा बढ़ोतरी नहीं होगी। अपने बजट भाषण के प्रारूप को अंतिम रूप देने के लिए सीएम सुक्खू शुक्रवार दोपहर को ओक ओवर शिमला पहुंचे।उन्होंने मुख्य सचिव संजय गुप्ता, प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार समेत तमाम प्रमुख अधिकारियों को बुलाकर बजट भाषण के एक-एक बिंदु पर चर्चा की। इसके बाद करीब साढ़े चार बजे मुख्यमंत्री विधानसभा में वापस लौटे। मुख्यमंत्री सुक्खू के बजट भाषण पर सरकारी कर्मचारियों, पेंशनरों, किसानों-बागवानों, पर्यटन कारोबारियों, व्यवसायियों, उद्योगपतियाें आदि की खास नजर है। राज्य पर वर्तमान में एक लाख करोड़ रुपये का कर्ज है। सरकार पर कर्मचारियों-पेंशनरों समेत कई वर्गों की देनदारियां हैं। बतौर वित्त मंत्री मुख्यमंत्री के वित्तीय प्रबंधन पर भी सभी की निगाहें हैं। बजट पर सोमवार से सामान्य चर्चा शुरू होगी। 25 मार्च को सामान्य चर्चा का समापन होगा। 27 मार्च से बजट की मांगों पर चर्चा और मतदान हाेगा। 30 मार्च को बजट पारित कर दिया जाएगा।
