शिमला, सुरेंद्र राणा:हिमाचल प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र में आज सदन के भीतर उस समय जोरदार हंगामा देखने को मिला, जब शून्य काल के दौरान विपक्ष ने नशे का मुद्दा उठाया।इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। विपक्ष ने सरकार पर नशा रोकने के लिए गंभीर न होने के आरोप लगाए और विरोध जताते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। विपक्ष की ओर से गंभीर आरोप लगाए गए कि नशे के खिलाफ कार्रवाई के लिए बनाई गई STF के पुलिसकर्मी ही नशे में संलिप्त हैं और पुलिस अधिकारी बिना इजाजत विपक्ष के नेताओं के फोन सर्विलेंस पर लेने में लगी हुई है।नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार के साढ़े तीन साल के कार्यकाल में नशा गांव-गांव तक पहुंच चुका है। एक ओर मुख्यमंत्री नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कर रहे हैं दूसरी ओर सदन में मुद्दा उठाया तो मुख्यमंत्री, मंत्री और पुलिस अधिकारी इस पर हंसते नजर आए, जो बेहद चिंताजनक और गैर-जिम्मेदाराना रवैया है। सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि नशे के खिलाफ केवल दिखावे के लिए वॉकथन जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें स्कूलों से बच्चों को बुलाकर 4 से 5 घंटे तक इंतजार करवाया जाता है जबकि जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई की कमी है। बिना उचित जांच के पुलिस कर्मियों को एसटीएफ में तैनात किया गया है, जिससे नशे के खिलाफ अभियान की गंभीरता पर सवाल उठते हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश के अधिकारी केवल सरकार को खुश करने में लगे हुए हैं और विपक्ष के नेताओं के फोन सर्विलांस पर रखे जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्यसभा चुनाव के दौरान बड़े पैमाने पर बिना गृह विभाग की अनुमति के विपक्षी नेताओं की फोन निगरानी की गई थी।
