शिमला, सुरेंद्र राणा: हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले वाहन चालकों को अब वार्षिक पास के लिए ज्यादा रकम चुकानी होगी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए फास्टैग वार्षिक पास की दरों में बढ़ोतरी की अधिसूचना जारी कर दी है। नई दरें 1 अप्रैल से लागू होंगी। हिमाचल प्रदेश के करीब 8 टोल प्लाजा पर पहले जहां वाहन मालिकों को वार्षिक पास के लिए 3,000 रुपये देने पड़ते थे, वहीं अब 3,075 रुपये देने होंगे। दिल्ली स्थित एनएचएआई के चीफ जनरल मैनेजर (सीओ) अब्दुल बासित ने बताया कि यह पास गैर-व्यावसायिक (नॉन कमर्शियल) वाहनों के लिए लागू होगा और इसे केवल सक्रिय फास्टैग वाले वाहन मालिक ही बनवा सकेंगे।सभी टोल ऑपरेटरों और संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि जहां-जहां यह सुविधा लागू है, वहां नई दरें तुरंत लागू करने की तैयारी कर ली जाए। इसके अलावा सभी वाहन चालकों और हितधारकों को इसकी जानकारी दी जाए। प्राधिकरण के अनुसार, हर वर्ष वित्तीय वर्ष के अनुसार वार्षिक पास की दरों में संशोधन किया जाता है। प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह पास एक साल या 200 टोल क्रॉसिंग तक मान्य रहेगा। जो शर्त पहले पूरी होगी, पास उसी समय समाप्त हो जाएगा। बंद उपयोग (क्लोजर यूजर) टोल प्रणाली में किसी वाहन का टोल प्लाजा में प्रवेश और निकास को एक क्रॉसिंग माना जाएगा।
हिमाचल में मंत्रालय के दो और एनएचआई के 8 टोल प्लाजा हैं। इसमें किरतपुर-मनाली हाईवे पर गरामोड़ा, बलोह और मटौर-शिमला फोरलेन पर घट्टा के अलावा सिरमौर व ऊना में एक टोल प्लाजा पर फास्टैग सुविधा है। चंडीगढ़-शिमला हाईवे पर सनवारा और मनाली हाईवे पर दो टोल हैं।
