गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट ने अगले तीन सालों में अपने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सुंदर पिचाई की कुल संभावित सैलरी बढ़ाकर 692 मिलियन डॉलर यानी करीब 6,400 करोड़ रुपए कर दी है, जिससे वह दुनिया के सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले चीफ एग्जीक्यूटिव में से एक बन गए हैं। पिचाई का यह नया पैकेज इतना बड़ा है कि माइक्रोसॉफ्ट के सत्य नडेला (96.5 मिलियन डॉलर) और ऐपल के टिम कुक (74.3 मिलियन डॉलर) जैसे दिग्गज भी उनके सामने काफी पीछे हैं। 53 वर्षीय पिचाई आज न केवल कंपनी के शीर्ष पर हैं बल्कि दुनिया के सबसे अमीर प्रोफेशनल्स में से एक बन चुके हैं। सुंदर पिचाई और उनकी पत्नी के पास फिलहाल 16.7 लाख गूगल शेयर भी हैं, जिनकी कीमत 498 मिलियन डॉलर के करीब है। गूगल ने अगले तीन वर्षों के लिए पिचाई का कुल अधिकतम संभावित पे-पैकेज 692 मिलियन डॉलर तय किया है।इसमें उनकी सालाना बेसिक सैलरी 20 लाख डॉलर (करीब 18.38 करोड़ रुपए) रखी गई है, जबकि पैकेज का सबसे बड़ा हिस्सा शेयरों के रूप में मिलेगा। अगर वह कंपनी के लक्ष्य को पूरी तरह हासिल नहीं कर पाते हैं, तो भी उन्हें वेतन और स्टॉक के रूप में तीन वर्षों में 39.1 करोड़ डॉलर की बेसलाइन अमाउंट की राशि मिलनी तय है। कंपनी ने कहा कि इस पैकेज का एक बड़ा हिस्सा परफॉर्मेंस स्टॉक यूनिट्स (पीएसयू) से जुड़ा है। यह 126 मिलियन डॉलर का है। इन्हें दो बराबर भागों में बांटा गया है और अंतिम भुगतान एसएंडपी 100 इंडेक्स में शामिल कंपनियों के सापेक्ष अल्फाबेट के प्रदर्शन से जुड़ा है। इसका मतलब है कि सुंदर पिचाई की वास्तविक कमाई इस बात पर निर्भर करेगी कि आने वाले वर्षों में अल्फाबेट का प्रदर्शन कैसा रहता है और उसके शेयरों की कीमत कितनी बढ़ती है।
