पंजाब दस्तक: विशेष इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्टब्यूरो चीफ: सुरेंद्र राणा हिमाचल के 7900 लोकमित्र केंद्रों पर सरकार का ‘डिजिटल स्ट्राइक

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पंजाब दस्तक की रिपोर्ट के बाद मची खलबली, अब सीधे ब्लॉक होगी IDशिमला/हमीरपुर: हिमाचल प्रदेश में डिजिटल सेवा के नाम पर ग्रामीण जनता की जेब पर डाका डालने वाले लोकमित्र केंद्रों (LOKMITRA KENDRAS) के खिलाफ सुक्खू सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा और कड़ा रुख अपना लिया है। यह बड़ी प्रशासनिक हलचल पंजाब दस्तक की उस विशेष पड़ताल के बाद शुरू हुई है, जिसमें हमारी टीम ने प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में जारी ‘लूट तंत्र’ को बेनकाब किया था।पंजाब दस्तक की ग्राउंड रिपोर्ट: पहाड़ों में ‘संगठित लूट’ का खुलासाहमारी टीम ने पूरे हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण और अत्यंत दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों का सघन दौरा किया। इस पड़ताल में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए:मनमानी वसूली: ग्रामीण क्षेत्रों में ₹10 से ₹20 की सरकारी फीस वाले कार्यों के लिए भोले-भाले ग्रामीणों से ₹200 से ₹500 तक वसूले जा रहे थे।मुफ्त सेवाओं पर डाका: ‘एग्री-स्टैक’ (AgriStack) जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं, जिनके लिए सरकार खुद संचालकों को भुगतान करती है, वहां भी किसानों से अवैध रूप से पैसे ऐंठे जा रहे थे।मजबूरी का फायदा: इंटरनेट सिग्नल की कमी और तहसील मुख्यालय से दूरी का बहाना बनाकर बुजुर्गों और महिलाओं को घंटों परेशान किया जाता था और फिर ‘सुविधा शुल्क’ के नाम पर मोटी रकम ली जा रही थी।मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश: कागजों से बाहर धरातल पर उतरेगा एक्शनपंजाब दस्तक की इस मुहिम का असर है कि अब सरकार के आदेश केवल फाइलों की शोभा नहीं बढ़ाएंगे। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्पष्ट कर दिया है कि जनता की सेवा के नाम पर अवैध वसूली बर्दाश्त नहीं होगी। प्रशासन अब पूर्णतः ‘एक्शन मोड’ में है:ऑन द स्पॉट एक्शन: शिकायत मिलने या औचक निरीक्षण में ओवरचार्जिंग पाए जाने पर संबंधित संचालक की ID तुरंत ब्लॉक कर दी जाएगी।प्रशासनिक चेन की जवाबदेही: राज्य के सभी जिलाधीशों (DCs) को ब्लॉक लेवल तक जवाबदेही तय करने के आदेश दिए गए हैं। एडीएम, एसडीएम और तहसीलदारों को निर्देश हैं कि वे हर ब्लॉक के केंद्रों की औचक जांच (Surprise Inspection) करें।लाइसेंस रद्दीकरण: बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वाले केंद्रों का पंजीकरण और लाइसेंस स्थायी रूप से निरस्त कर उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।रेट लिस्ट अनिवार्य: हर लोकमित्र केंद्र के बाहर सरकार द्वारा अधिकृत रेट लिस्ट चस्पा करना अनिवार्य होगा। यदि लिस्ट नहीं मिली, तो कार्रवाई तय है।प्रशासनिक संदेश और जनता से अपीलसरकार ने साफ कर दिया है कि अगर अधिकारी निगरानी में ढील बरतेंगे, तो उनकी जवाबदेही भी तय होगी। पंजाब दस्तक की टीम इस भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगी। हमारा संकल्प है कि सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी अतिरिक्त आर्थिक बोझ के हर पहाड़ी और ग्रामीण नागरिक तक पहुँचे।जनता से भी अपील है कि यदि कोई संचालक रसीद नहीं देता या तय रेट से ज्यादा मांगता है, तो तुरंत अपने नजदीकी एसडीएम या तहसील कार्यालय में इसकी शिकायत दर्ज कराएं।

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