शिमला, सुरेंद्र राणा: दिल्ली दौरे से वापस लौटे मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने RDG के मुद्दे पर फिर भाजपा को घेरा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व जयराम ठाकुर सरकार को सबसे ज्यादा RDG मिली। इसके बावजूद सरकार ने ऋण का बोझ घटाने की बजाय प्रदेश पर कर्ज और देनदारियों का बोझ लाद दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि RDG को न तो स्वीकार किया गया है और न ही खारिज, बल्कि वित्त आयोग ने अपनी रिपोर्ट में इसे नोटिड लिखा है। ऐसे में केंद्र सरकार परिस्थिति के अनुसार RDG दे सकती है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि RDG के मुद्दे पर उन्होंने मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी से विस्तृत चर्चा की है। उन्होंने कहा कि हिमाचल की तुलना केरल से करना उचित नहीं है। राजस्व घाटे की एवज में संविधान के अनुसार RDG मिलती थी और केरल पर इसका प्रभाव नहीं पड़ता। मुख्यमंत्री ने भाजपा से RDG के मुद्दे पर सहयोग की अपील करते हुए कहा कि भाजपा सहयोग के पक्ष में नजर नहीं आ रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को सबसे ज्यादा DPR मिलीं। प्रदेश पर ऋण का बोझ कम किया जा सके, इसलिए सबसे ज्यादा RDG भी मिली, इसके बावजूद 47 हजार करोड़ का कर्ज लिया गया और हजारों करोड़ की देनदारियां छोड़ दी गईं। वहीं RDG के मुद्दे पर जंतर मंतर में प्रदर्शन को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि जंतर मंतर पर प्रदर्शन राजनीतिक रणनीति का एक पहलू है और इस पर विचार-विमर्श के बाद फैसला लिया जाएगा।
हिमाचल सदन दिल्ली में दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि यह संवैधानिक प्रक्रिया के विरुद्ध है। दिल्ली RC कमिश्नर को सूचना दी जानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की ओर से बुकिंग की गई थी। आमतौर पर कमरे बुक होते हैं और उसका भुगतान भी होता है, इसमें कोई नई बात नहीं है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने AI इंपैक्ट सम्मिट में यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन का समर्थन किया। उन्होंने यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भान चिब की गिरफ्तारी को गलत बताया और कहा कि समझाकर छोड़ दिया जाता था, लेकिन उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया, जो उचित नहीं है। राज्यसभा चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि अभी समय है। उम्मीदवार का फैसला हाईकमान करेगा। AICC अध्यक्ष और राहुल गांधी उम्मीदवार तय करेंगे और मत डालकर उम्मीदवार को जिताया जाएगा।
