शिमला, सुरेंद्र राणा; आगनबाड़ी वर्करज़ एवं हैल्परज़ यूनियन (संबंधित सीटू) प्रोजेक्ट कमेटी शिमला के बैनर तले आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स ने महिला एवं बाल विकास विभाग के निदेशक कार्यालय शिमला के बाहर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के उपरांत निदेशक को मांग पत्र भी सौंपा गया।प्रदर्शन में बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कर्मियों ने भाग लिया और विभाग की कथित उदासीनता के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान सीटू राज्य अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, जिला महासचिव अमित, सचिव विवेक कश्यप, रंजीव कुठियाला, राम प्रकाश तथा यूनियन की प्रोजेक्ट अध्यक्ष मीना ठाकुर, महासचिव हरदेई ठाकुर, कोषाध्यक्ष पुष्पा सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।प्रदर्शन को संबोधित करते हुए यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि आंगनबाड़ी कर्मियों से लगातार अतिरिक्त कार्य लिया जा रहा है, जबकि उन्हें मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं करवाई जा रहीं। कई-कई महीनों तक वेतन लंबित रहने से कर्मियों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। खराब व पुराने मोबाइल फोन, लंबित रिचार्ज भुगतान, स्टेशनरी व किचन सामग्री की कमी, कम ढुलाई दर और प्रोत्साहन राशि में देरी से कर्मियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।यूनियन ने मांग की कि जब तक नए स्मार्ट फोन अथवा टैबलेट उपलब्ध नहीं करवाए जाते, तब तक ऑफलाइन कार्य बंद किया जाए। सीबीई इंसेंटिव का भुगतान ऑफलाइन बिल के आधार पर किया जाए तथा पोषण ट्रैकर से जुड़ी तकनीकी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए। इसके अलावा गैस सिलेंडर, वर्दी भत्ता, मेडिकल अवकाश, छुट्टियां और आयुष्मान कार्ड में पूरे परिवार को शामिल करने की मांग भी उठाई गई।यूनियन ने आंगनवाड़ी कर्मी हर्षा की ड्यूटी के दौरान हुई मृत्यु पर 50 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के सदस्य को करुणामूलक आधार पर नौकरी देने की भी मांग की।प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि विभाग द्वारा शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विभाग की होगी।
