वेस्टइंडीज की टीम आत्मविश्वास के साथ सोमवार को टी-20 वल्र्ड कप के सुपर-8 मैच में जिम्बाब्वे के जज्बे से सतर्क रहना चाहेगी। दोनों टीमें अभी तक टूर्नामेंट में अजेय रही हैं और इस सिलसिले को जारी रखने के लिए पूरी कोशिश करेंगी। वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे दोनों ने अपने-अपने ग्रुप में टॉप पर रहकर अगले दौर में जगह बनाई है, लेकिन असली चुनौती अभी बाकी है। दो बार की चैंपियन वेस्टइंडीज के लिए यह फॉर्मेट में कड़ी परीक्षा होगी, जिसमें वह आमतौर पर शानदार खेल दिखाती है। पूर्व चैंपियन कप्तान डेरेन सैमी की कोचिंग में टीम ने अब तक एकजुट होकर अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन लगातार अच्छा खेलना बड़ी चुनौती होगी। वेस्टइंडीज ने लगातार चार मैच जीतकर यह साबित कर दिया है कि टी-20 वल्र्ड कप से पहले सात द्विपक्षीय सीरीज में मिली हार अब बीते वक्त की बात हो गई है। कैरेबियाई टीम फिर से मजबूत दावेदार बनकर उभरी है।
उसने इंग्लैंड के खिलाफ शानदार जीत दर्ज की और कमजोर टीमों को आसानी से हराया। रोमारियो शेफर्ड की ऑलराउंड क्षमता से टीम को संतुलन मिला है और वह आईपीएल में वानखेड़े में खेलने के अपने अनुभव का फायदा उठाना चाहेंगे। दूसरी तरफ जिम्बाब्वे ने अपने शानदार प्रदर्शन से क्रिकेट जगत में नई उम्मीद जगाई है। उसने ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका को हराकर सबको चौंका दिया था और अब वह साबित करना चाहेगा कि उसकी जीत सिर्फ संयोग नहीं थी। जिम्बाब्वे ने सुपर आठ में पहुंचकर अपना सबसे बड़ा लक्ष्य हासिल कर लिया है। अब उसका सामना वेस्टइंडीज, अफ्रीका और भारत से होगा।
