शिमला, सुरेंद्र राणा: 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनावों ने हिमाचल प्रदेश में सियासी माहौल को गरमा दिया है। राजनीतिक दल एक-दूसरे पर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने के आरोप लगा रहे हैं। कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी ने चुनाव से पहले भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि उन्होंने छोटे राज्यों के आर्थिक हालात पर भी चिंता जताई है।
चुनाव को लेकर कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा, “हमारे पास विधानसभा में पर्याप्त संख्या बल है, जबकि भाजपा के पास आवश्यक संख्या की कमी है।” उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली बार भाजपा ने चुनावी रणनीति में लोकतंत्र की भावना का उल्लंघन किया था और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया।
इस बीच, मंत्री ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि आरडीजी (राजस्व घाटा अनुदान) को बंद करने से छोटे राज्यों के आर्थिक हालात बिगड़ गए हैं। उन्होंने कहा कि छोटे राज्यों को अपने विकास और बजट के लिए केंद्र से आर्थिक सहायता की आवश्यकता है।
नेगी ने प्रदेश की भाजपा से आग्रह किया कि वे केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ अपनी आवाज उठाएँ, क्योंकि यदि ऐसा नहीं किया गया, तो यह प्रदेश के हितों के खिलाफ होगा। उन्होंने छोटे राज्यों की समस्याओं की अनदेखी न करने और केंद्र तथा राज्य के बीच बेहतर समन्वय की बात की।
