RDG को लेकर हिमाचल विधानसभा में विपक्ष की नारेबाजी के बीच संकल्प पारित,सीएम बोले भाजपा हिमाचल के हितों के खिलाफ

Spread the love

शिमला, सुरेंद्र राणा: हिमाचल प्रदेश विधानसभा बजट सत्र के पहले चरण में तीन दिन तक RDG को लेकर हुई चर्चा के बाद आज सदन में ख़ूब हंगामा देखने को मिला। लंबी चर्चा के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सदन में जवाब देना शुरू किया तो विपक्ष ने मुख्यमंत्री पर झूठे आंकड़े पेश करने का आरोप लगाया और वैल में आकर जोरदार नारेबाजी भी की जिस पर विधानसभा अध्यक्ष को दस मिनट के लिए सदन स्थगित भी करना पड़ा। जब दोबारा से सदन की कार्यवाही शुरु हुई फ़िर से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जवाब के बीच विपक्ष हंगामा करता रहा और नारेबाजी जारी रखी। हंगामे के बीच मुख्यमंत्री ने जवाब दिया और ध्वनि मत से RDG बहाली के लिए प्रस्ताव पारित किया इसी केसाथ बजट सत्र की कार्यवाही 18 मार्च तक स्थगित की गई।

सदन की कार्यवाही खत्म होते हो विपक्ष की नारेबाजी के जवाब में मुख्यमंत्री की अगुवाई में सत्तापक्ष के विधायकों ने भी भाजपा के खिलाफ जोरदार नारेबाजी और भाजपा पर हिमाचल के हितों के विरोधी होने के आरोप लगाए।मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि आरडीजी के मुद्दे पर विपक्ष का दोहरा चरित्र सामने आया है। इससे साफ है कि भाजपा को प्रदेश हित की चिंता नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम केंद्रीय बजट प्रस्तुत होने से पहले चार बार वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और 16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष पनगढ़िया से मिले। उन्होंने हमारी मांग पर आश्वासन दिया कि RDG की टेपरिंग के कारण हिमाचल प्रदेश को नुकसान हुआ है, उसे देखते हुए 2026 से 2031 तक की RDG को एक समान रखने का प्रयास किया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ।मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा का असली चेहरा सामने आ चुका है। जयराम ठाकुर ने 18वें और 16वें वित्त आयोग के समक्ष RDG को हिमाचल के विकास के बेहद महत्वपूर्ण बताया लेकिन सदन के भीतर उन्होंने RDG पर लाए गए संकल्प का समर्थन नहीं किया। भाजपा कुर्सी हित देखरही र्लेकिन कांग्रेस सरकार RDG की लड़ाई को लड़ेगी।सीएम ने कहा कि वह मंत्रिमंडल सहित दिल्ली जा रहे हैं जहां पर आरडीजी को लेकर राहुल गांधी से मिलने के साथ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात करेंगे।वही प्रधानमंत्री से भी मिलने का समय मांगा गया है।

वहीं विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर ने कहा कि RDG पर सदन में हुई चर्चा में दोनों ही पक्षों के विधायकों ने भाग लिया। विपक्ष आरडीजी के विरोध में नहीं है लेकिन मुख्यमंत्री और सत्ता पक्ष की तरफ से चर्चा के दौरान केवल राजनीतिक भाषा का प्रयोग किया गया। मुख्यमंत्री द्वारा सदन में दिए जाने वाले आंकड़ों में विरोधाभास था। हर रोज मुख्यमंत्री द्वारा सदन में पेश किए जाने वाले आंकड़ों में गड़बड़ होती हैं। नरेंद्र मोदी के पीएम बनने के बाद हिमाचल को यूपीए सरकार की तुलना में 60 हजार करोड़ ज्यादा RDG मिली। कांग्रेस पार्टी ने राजनीतिक मकसद के लिए ये प्रस्ताव सदन में लाया ऐसे में भाजपा उनके साथ नहीं हो सकती। मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत किए गए आंकड़े वित्त विभाग की प्रेजेंटेशन से विपरीत है। हिमाचल के हित भाजपा के लिए सर्वोपरि है और भाजपा RDG पर अपना पक्ष रखने में खुद सक्षम है और जहां पक्ष रखना होगा भाजपा रखेगी लेकिन सुक्खू सरकार की पहली जिम्मेदारी है। सरकार ने वित्त आयोग के समक्ष तथ्यों के साथ मजबूती से पक्ष नहीं रखा। हिमाचल के विकास में केंद्रीय मदद का हमेशा बड़ा योगदान रहा है।केंद्र से मिलने वाले सहयोग के लिए आभार करने के बजाए सीएम लगातार कोसते हैं।

एक महीने की बजट सत्र में ब्रेक पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बजट सत्र का कांग्रेस सरकार ने तमाशा बना कर रख दिया है।हिमाचल की राज्यसभा की एक सीट के चुनाव को लेकर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पार्टी नेताओं से चर्चा के बाद उम्मीदवार खड़ा करना है या नहीं इसपर फैसला लिया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *