शिमला, सुरेंद्र राणा: हिमाचल में RDG बंद होने के मुद्दे पर सियासत तेज है। नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर ने प्रेस वार्ता के दौरान सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है तो RDG बंद होने की सीधी जिम्मेदारी भी उन्हीं की है। अपनी नाकामयाबियों का ठीकरा केंद्र सरकार या भाजपा पर फोड़ना उचित नहीं है।
जय राम ठाकुर ने कहा कि 16वें वित्त आयोग के समक्ष राज्य सरकार ने मजबूती से पक्ष नहीं रखा, जिसके चलते RDG बंद हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने अलग-अलग तिथियों पर कर्ज को लेकर विरोधाभासी आंकड़े पेश किए और सदन में भी झूठे आंकड़ों के जरिए जनता को गुमराह किया।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण और सदन की कार्यवाही को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। नियमों के विपरीत RDG पर संकल्प लाकर चर्चा करवाई गई और विपक्ष को अपनी बात रखने का पूरा अवसर नहीं दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा RDG के विरोध में नहीं है, बल्कि सरकार के राजनीतिक रवैये का विरोध कर रही है। जय राम ठाकुर ने दावा किया कि यूपीए सरकार के समय हिमाचल के साथ अन्याय हुआ, जबकि भाजपा सरकार के दौरान प्रदेश को 60 हजार करोड़ रुपये अधिक RDG मिली। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने पांच साल में 40 हजार 672 करोड़ रुपये का ऋण लिया और 38 हजार 76 करोड़ रुपये वापस भी किए, जबकि वर्तमान सरकार तीन साल में रिकॉर्ड कर्ज ले चुकी है।उन्होंने आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार फिजूलखर्ची पर अंकुश लगाने में विफल रही और CPS नियुक्तियां, चेयरमैन की नियुक्तियां तथा मानदेय वृद्धि जैसे फैसलों से वित्तीय बोझ बढ़ाया गया। उनका कहना था कि अगर सरकार राजनीतिक लड़ाई लड़ना चाहती है तो भाजपा तैयार है, लेकिन यदि प्रदेश हित की बात होगी तो विपक्ष सहयोग से पीछे नहीं हटेगा।
