शिमला, सुरेंद्र राणा: राज्य लोकसेवा आयोग की परीक्षा और भर्ती के विभिन्न चरणों में अभ्यर्थियों की पहचान सत्यापन के लिए आधार प्रमाणीकरण किया जाएगा। हालांकि यह व्यवस्था पूरी तरह स्वैच्छिक होगी। प्रदेश में सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया को और पारदर्शी व सुरक्षित बनाने के लिए सरकार ने यह फैसला लिया है। बुधवार को कार्मिक विभाग की ओर से इस बाबत अधिसूचना जारी की गई। मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने बताया कि भारत सरकार के आईटी विभाग ने यूआईडीएआई से परामर्श के बाद प्रदेश के कार्मिक विभाग को अनुमति प्रदान कर दी है। इसके तहत आयोग को आधार संख्या धारकों की पहचान स्थापित करने के लिए आधार प्रमाणीकरण की सुविधा दी गई है। आधार आधारित सत्यापन से परीक्षा में फर्जीवाड़े पर अंकुश लगेगा।आयोग केवल परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया के विभिन्न चरणों में अभ्यर्थियों की पहचान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ही आधार प्रमाणीकरण करेगा। इससे दस्तावेजों की बहुलता खत्म होगी और प्रक्रिया अधिक सरल व पारदर्शी बनेगी। अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि आधार प्रमाणीकरण स्वैच्छिक होगा। आयोग अभ्यर्थी से आधार सत्यापन से पहले उसकी सहमति प्राप्त करेगा। यदि कोई अभ्यर्थी आधार प्रमाणीकरण से इन्कार करता है या कराने में असमर्थ है, तो उसे किसी भी सेवा से वंचित नहीं किया जाएगा। ऐसे अभ्यर्थियों के लिए वैकल्पिक पहचान पत्र भी मान्य होंगे। इनमें भारतीय पासपोर्ट, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, कॉलेज या विश्वविद्यालय का पहचान पत्र शामिल होंगे।
