धर्मशाला, ओमांश: हिमाचल प्रदेश के वाहन चालकों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। प्रदेश के विभिन्न टोल बैरियरों पर ऑटोमेटिक सिस्टम के जरिए कट रहे इंश्योरेंस के गलत चालानों पर अब पूरी तरह से रोक लग गई है। ‘दिव्य हिमाचल’ मीडिया ग्रुप ने जनता की इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। समाचार पत्र द्वारा जमीनी हकीकत और लोगों की परेशानियों को उजागर करने के बाद परिवहन विभाग ने इस मामले का कड़ा संज्ञान लिया है। परिवहन विभाग ने सिस्टम में आ रही उन तकनीकी खामियों को दूर कर लिया है, जो जनता के लिए बड़ी सिरदर्दी बनी हुई थीं। अब वैध दस्तावेज होने पर किसी भी वाहन चालक को बेवजह जुर्माने का सामना नहीं करना पड़ेगा
कांगड़ा के रानीताल स्थित घट्टा बैरियर सहित सोलन व अन्य बैरिसरों से यह विवाद शुरू हुआ था, जिसमें वाहन चालकों को इंश्योरेंस के नाम दो-दो हजार के चालान कट रहे थे। कई मामलों में वाहन मालिकों के पास वैध इंश्योरेंस होने के बावजूद सिस्टम उन्हें बिना बीमा के दिखा रहा था और स्वत: ही ऑनलाइन चालान जनरेट हो रहे थे।
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सिस्टम की खामियों को दूर कर इसे वाहन पोर्टल के साथ बेहतर तरीके से सिंक किया गया है। अब जैसे ही किसी वाहन का बीमा अपडेट होगा, टोल बैरियर पर लगा कैमरा उसे तुरंत पहचान लेगा। इस सुधार से न केवल पारदर्शिता आएगी, बल्कि उन सैकड़ोंं लोगों को भी राहत मिलेगी जिन्हें सिस्टम की गलती की सजा भुगतनी पड़ रही थी।
