शिमला, सुरेंद्र राणा:हिमाचल में आरडीजी और वित्तीय हालात को लेकर सियासत और आरोप प्रत्यारोप जारी है। भाजपा प्रदेश सह प्रभारी संजय टंडन ने शिमला में प्रेस वार्ता कर कांग्रेस सरकार पर अपनी नाकामी छिपाने के लिए केंद्र पर आरोप लगाने का आरोप लगाया। टंडन ने केंद्रीय बजट 2026 को क्रांतिकारी और दूरदर्शी बताते हुए विकसित भारत 2047 का रोडमैप बताया है।
शिमला में प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा प्रदेश सह प्रभारी संजय टंडन ने कहा कि हिमाचल की कांग्रेस सरकार अपनी वित्तीय विफलताओं और बढ़ते कर्ज को छिपाने के लिए केंद्र सरकार को दोष दे रही है। उन्होंने कहा कि आरडीजी का चरणबद्ध समाप्त होना पहले से तय प्रक्रिया है, फिर भी राज्य सरकार ने न तो वैकल्पिक राजस्व बढ़ाने पर ध्यान दिया और न ही खर्च नियंत्रण पर। टंडन ने हिमाचल और उत्तराखंड की तुलना करते हुए कहा कि समान परिस्थितियों के बावजूद उत्तराखंड ने बेहतर वित्तीय प्रबंधन किया है, जबकि हिमाचल में कर्ज और घाटा तेजी से बढ़ा है क्योंकि यहां भ्रष्ट सरकार चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार ने ओएसडी और सलाहकारों की नियुक्तियों से राजस्व व्यय बढ़ाया है।
केंद्रीय बजट 2026 पर बोलते हुए टंडन ने इसे क्रांतिकारी और दूरदर्शी बताया और कहा कि बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर और पूंजीगत व्यय पर बड़ा जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जहां केंद्र सरकार विकास के मॉडल पर चल रही है, वहीं हिमाचल सरकार कुप्रबंधन और दोषारोपण की राजनीति कर रही है।
