शिमला सुरेंद्र राणा: नगर निगम शिमला वर्ष 2026-27 के लिए आज वार्षिक बजट पेश कर रहा है, लेकिन बजट से ठीक पहले नगर निगम सदन में जमकर हंगामा देखने को मिला। भाजपा पार्षदों ने मेयर के अधिकारों पर सवाल उठाते हुए बजट का बहिष्कार कर दिया।
भाजपा पार्षदों का आरोप है कि मेयर का ढाई वर्ष का कार्यकाल पूरा हो चुका है और कार्यकाल बढ़ाने से संबंधित एक्ट अभी कानून का रूप नहीं ले पाया है। उनका कहना है कि इस प्रस्ताव पर राज्यपाल की स्वीकृति नहीं मिली है और मामला न्यायालय में लंबित है। ऐसे में मौजूदा मेयर द्वारा बजट पेश करना पूरी तरह से अवैध है। पार्षदों ने कहा कि जब कार्यकाल ही समाप्त हो चुका है तो मेयर किस अधिकार से बजट प्रस्तुत कर रहे हैं। उन्होंने इसे नगर निगम शिमला और प्रदेश सरकार की “दादागिरी” करार दिया। भाजपा पार्षदों ने विरोधस्वरूप सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया और बजट प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए।
