शिमला, सुरेंद्र राणा: हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड अब अपने प्रदेशभर में चल रहे 1467 कार्यालयों में स्मार्ट मीटर को प्री-पेड सिस्टम से जोड़ने जा रहा है। यानी अब कार्यालयों में बिजली की आपूर्ति मोबाइल की तरह रिचार्ज पर निर्भर होगी। रिचार्ज खत्म होते ही बिजली सप्लाई अपने आप बंद हो जाएगी।बोर्ड प्रबंधन ने इसकी पूरी रणनीति तैयार कर ली है और सबसे पहले प्रायोगिक तौर पर अपने ही कार्यालयों में इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से सभी कार्यालयों में प्री-पेड स्मार्ट मीटर सिस्टम शुरू किया जाएगा।अहम बात यह है कि इस व्यवस्था के लागू होने के बाद बोर्ड कार्यालयों में अब बिजली का मासिक बिल नहीं आएगा, बल्कि जरूरत के हिसाब से मीटर रिचार्ज किया जाएगा। इससे बिजली खर्च का सही और सटीक आकलन भी संभव हो सकेगा।उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड साउथ जोन के तहत पहले पैकेज में करीब साढ़े सात लाख स्मार्ट मीटर स्थापित कर चुका है। स्मार्ट मीटर को लेकर जहां अलग-अलग इलाकों से उपभोक्ताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, वहीं कुछ जगहों पर इसका विरोध भी हो रहा है। इसे देखते हुए बिजली बोर्ड के फील्ड अधिकारी उपभोक्ताओं को इसके फायदे समझाने और जागरूक करने में जुटे हुए हैं।इस संबंध में बिजली बोर्ड के प्रबंध निदेशक आईएएस अधिकारी आदित्य नेगी ने बताया कि राज्य में साढ़े सात लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं और अब सबसे पहले बोर्ड अपने कार्यालयों में इन्हें प्री-पेड सिस्टम से जोड़ने जा रहा है।
