पंजाब दस्तक रिपोर्ट: सुरेंद्र राणा (ब्यूरो)बड़ी खबर: बिक्रम सिंह मजीठिया की जेल से रिहाई का रास्ता साफ, सुप्रीम कोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति मामले में दी नियमित जमानत
नई दिल्ली/चंडीगढ़: शिरोमणि अकाली दल के कद्दावर नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया के लिए आज का दिन राजनीतिक और कानूनी तौर पर एक बड़ी जीत लेकर आया है। देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) ने मजीठिया को आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) बनाने के मामले में नियमित जमानत प्रदान कर दी है। इस फैसले के बाद पंजाब की सियासत में एक बार फिर गरमाहट पैदा हो गई है।किस जेल में बंद थे मजीठिया?बिक्रम सिंह मजीठिया पिछले सात महीनों से पटियाला की हाई-प्रोफाइल ‘नाभा जेल’ में बंद थे। जून 2025 में पंजाब विजिलेंस ब्यूरो द्वारा की गई नाटकीय गिरफ्तारी के बाद से ही वे लगातार न्यायिक हिरासत में चल रहे थे। बीच में कई बार उनकी जमानत याचिकाएं निचली अदालतों और हाईकोर्ट से खारिज हुई थीं, जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।अदालत की सख्त टिप्पणी और जमानत का आधार:जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए कई महत्वपूर्ण पहलुओं को रेखांकित किया:लंबी हिरासत: कोर्ट ने माना कि मजीठिया पिछले 7 महीनों से जेल में हैं और जांच के लिए उनकी आगे की फिजिकल कस्टडी की अब आवश्यकता नहीं है।जांच में सहयोग: अदालत ने यह भी पाया कि जांच एजेंसियां पर्याप्त समय तक पूछताछ कर चुकी हैं और अब ट्रायल शुरू होने में समय लग सकता है, ऐसे में किसी व्यक्ति को अनिश्चितकाल के लिए जेल में नहीं रखा जा सकता।NDPS मामला: कोर्ट ने इस तथ्य को भी संज्ञान में लिया कि मजीठिया को उनके पुराने ड्रग्स मामले (NDPS) में पहले ही जमानत मिल चुकी है, इसलिए उनकी रिहाई में अब कोई और कानूनी अड़चन नहीं रह गई है।विजिलेंस का क्या था आरोप?पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने मजीठिया पर उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से लगभग 540 करोड़ रुपये अधिक की संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया था। इसमें बेनामी संपत्तियां, आलीशान कोठियां और विदेशों में निवेश के आरोप शामिल थे। हालांकि, मजीठिया के वकीलों ने इसे सत्ता पक्ष द्वारा “पॉलिटिकल वेंडेटा” यानी राजनीतिक बदले की भावना से की गई कार्रवाई करार दिया था।राजनीतिक मायने:मजीठिया की रिहाई शिरोमणि अकाली दल के लिए एक संजीवनी की तरह है। पार्टी काफी समय से नेतृत्व के संकट और कानूनी लड़ाइयों से जूझ रही है। मजीठिया के बाहर आने से अकाली दल पंजाब के आगामी चुनावों और संगठनात्मक मजबूती के लिए फिर से आक्रामक रुख अपना सकता है।जेल की औपचारिकताएं पूरी होते ही आज देर शाम या कल सुबह तक मजीठिया नाभा जेल से बाहर आ सकते हैं, जहाँ उनके स्वागत के लिए भारी संख्या में कार्यकर्ताओं के जुटने की उम्मीद है।
