शिमला, सुरेंद्र राणा: केंद्रीय बजट को लेकर हिमाचल प्रदेश में सियासत गरमा गई है। कांग्रेस सरकार और संगठन लगातार बजट का विरोध कर रहा हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने बजट को हिमाचल विरोधी बताते हुए केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि आपदा से भारी नुकसान झेल रहे हिमाचल को इस बजट में पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है। कांग्रेस ने RDG खत्म करने, रोजगार और मनरेगा पर चुप्पी साधने को लेकर भी सरकार को घेरा है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने कहा कि हिमाचल में आपदा से भारी नुकसान हुआ है और केंद्र की टीम के आकलन के मुताबिक करीब 20 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। ऐसे में राज्य को 16वें वित्त आयोग से राहत और RDG में बढ़ोतरी की उम्मीद थी, लेकिन इसके उलट RDG को घटाकर शून्य कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि बजट में रोजगार को लेकर कोई ठोस बात नहीं की गई और मनरेगा को लगभग खत्म कर दिया गया है। पर्यटन के नाम पर सिर्फ दिखावा किया गया है, जिन ट्रेक्स की बात की जा रही है वे हिमाचल में पहले से ही मौजूद हैं।
रेलवे विस्तार को लेकर भी हिमाचल को कोई नई सौगात नहीं मिली। विनय कुमार ने आरोप लगाया कि बजट में हिमाचल के साथ सौतेला व्यवहार किया गया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल के सांसद अनुराग ठाकुर का रवैया ऐसा लग रहा है जैसे उन्होंने न तो बजट सुना और न ही पढ़ा। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पिछला कल हिमाचल के लिए काला दिन था। रिवेन्यू डिफिसिट ग्रांट हमारा अधिकार है और हिमाचल के सांसदों का कर्तव्य बनता था कि वे इस मुद्दे को मजबूती से उठाते, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य को 1500 करोड़ रुपये की राहतये तक नहीं दी गई और यह बजट सिर्फ एक औपचारिकता बनकर रह गया है, जिसमें किसी भी वर्ग को न तो कोई खास लाभ मिला और न ही राहत दी है। विनय कुमार ने कहा कि आगामी बजट सत्र में इसको लेकर रिजॉल्यूशन पास किया जाएगा और बीजेपी के नेताओं से भी हिमाचल के हितों को केंद्र से उठाने की बात की जाएगी।
