लाहौल-स्पीति विशेष बुलेटिन: कुदरत का कहर और कड़ाके की ठंड, घाटी से 12 विस्तृत खबरें

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पंजाब दस्तक
​रिपोर्टर: अनिल थेरोज (लाहौल-स्पीति)
​लाहौल-स्पीति विशेष बुलेटिन: कुदरत का कहर और कड़ाके की ठंड, घाटी से 12 विस्तृत खबरें
​1. अटल टनल रोहतांग के द्वार पर्यटकों के लिए बंद: सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने उठाया बड़ा कदम
​केलांग: लाहौल घाटी के प्रवेश द्वार अटल टनल रोहतांग के नॉर्थ और साउथ पोर्टल पर आज दोपहर के बाद भारी हिमपात का दौर शुरू हो गया। देखते ही देखते सड़क पर बर्फ की मोटी परत जम गई, जिससे वाहनों के फिसलने का खतरा बढ़ गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने पर्यटकों की आवाजाही पर आगामी आदेशों तक पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। केवल स्थानीय लोगों और आपातकालीन सेवाओं के 4×4 वाहनों को ही कड़ी निगरानी में टनल पार करने की अनुमति दी जा रही है।
​2. काजा में हाड़ कंपाने वाली ठंड: शून्य से 15 डिग्री नीचे गिरा पारा, जम गई स्पीति की लाइफलाइन
​काजा: स्पीति घाटी में ठंड ने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। आज शाम काजा और आसपास के गांवों का न्यूनतम तापमान -15 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस भीषण ठंड का सीधा असर जनजीवन पर पड़ा है; पेयजल की मुख्य पाइपलाइनें पूरी तरह जम चुकी हैं, जिससे लोगों को बर्फ पिघलाकर पानी की ज़रूरतें पूरी करनी पड़ रही हैं। प्रशासन ने लोगों को घरों के भीतर रहने और पर्याप्त हीटिंग व्यवस्था रखने की सलाह दी है।
​3. सिस्सू झील बनी ‘आइस रिंक’: खतरे को देखते हुए प्रशासन ने लगाया कड़ा पहरा
​सिस्सू: लाहौल की प्रसिद्ध सिस्सू झील कड़ाके की ठंड के कारण पूरी तरह जम चुकी है। पिछले कुछ दिनों से पर्यटक जोखिम उठाकर जमी हुई झील पर स्केटिंग और फोटो खिंचवाने की कोशिश कर रहे थे। इसे जानलेवा मानते हुए प्रशासन ने आज झील के चारों ओर पुलिस बल तैनात कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि बर्फ की परत कहीं-कहीं पतली हो सकती है, जिससे कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है।
​4. बीआरओ (BRO) का ‘मिशन स्नो’ जारी: मनाली-लेह मार्ग को बहाल रखने के लिए मशीनों ने संभाला मोर्चा
​दारचा: सीमा सड़क संगठन (BRO) के जांबाज जवान भारी बर्फबारी और शून्य से नीचे के तापमान के बीच भी दारचा और शिंकुला पास के समीप डटे हुए हैं। सामरिक महत्व के इस मार्ग को खुला रखने के लिए अत्याधुनिक स्नो कटर और डोजर मशीनों का सहारा लिया जा रहा है। बीआरओ का लक्ष्य है कि सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रसद आपूर्ति बाधित न हो, चाहे मौसम कितना भी खराब क्यों न हो जाए।
​5. चंद्रभागा नदी के किनारे जमी बर्फ: पानी का बहाव कम होने से बिजली परियोजनाओं पर संकट
​लाहौल: घाटी में पड़ रही भीषण ठंड का असर अब जल स्रोतों पर भी दिखने लगा है। लाहौल की मुख्य चंद्रभागा नदी का पानी किनारों पर जमने लगा है, जिससे नदी के प्राकृतिक बहाव में भारी कमी आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तापमान इसी तरह गिरता रहा, तो निचले क्षेत्रों में चल रही पनबिजली परियोजनाओं में बिजली उत्पादन पर विपरीत असर पड़ सकता है।
​6. मियार घाटी में संचार तंत्र ध्वस्त: भारी बर्फबारी के बाद दुनिया से कटा संपर्क
​उदयपुर: लाहौल उपमंडल की मियार घाटी और उदयपुर के कुछ ऊंचे क्षेत्रों में आज संचार सेवाएं पूरी तरह चरमरा गईं। भारी बर्फबारी और बिजली की लाइनों में आए तकनीकी फॉल्ट के कारण मोबाइल टावर बंद पड़े हैं। अपनों से संपर्क न हो पाने के कारण ग्रामीणों में चिंता का माहौल है। प्रशासन ने संचार कंपनियों को जल्द से जल्द व्यवस्था बहाल करने के निर्देश दिए हैं।
​7. चारे की तलाश में रिहायशी इलाकों की ओर बढ़े वन्यजीव: काजा के समीप दिखा ‘ब्लू शीप’ का झुंड
​काजा: ऊपरी पहाड़ियों पर कई फीट बर्फ जमा होने के कारण जंगली जानवरों के लिए भोजन का संकट खड़ा हो गया है। इसी के चलते आज शाम काजा के रिहायशी इलाकों के समीप ‘ब्लू शीप’ (भरल) का एक बड़ा झुंड देखा गया। वन्यजीव विभाग ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों को चेतावनी दी है कि वे इन बेजुबान जानवरों को तंग न करें और न ही उनके करीब जाकर फोटो लेने की कोशिश करें।
​8. सर्दियों के राशन और ईंधन के स्टॉक की समीक्षा: प्रशासन ने दुर्गम क्षेत्रों के लिए कसी कमर
​केलांग: आने वाले दिनों में भारी बर्फबारी की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने आज विभिन्न सरकारी गोदामों में राशन, मिट्टी के तेल और रसोई गैस के स्टॉक का गहन निरीक्षण किया। उपायुक्त ने निर्देश दिए हैं कि घाटी के अंतिम छोर तक के गांवों में कम से कम चार महीने का अग्रिम राशन उपलब्ध होना चाहिए ताकि संपर्क कटने की स्थिति में कोई समस्या न आए।
​9. हिमस्खलन (Avalanche) का खतरा बढ़ा: संवेदनशील क्षेत्रों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी
​लाहौल: जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने घाटी के अत्यधिक ढलान वाले क्षेत्रों में हिमस्खलन की चेतावनी जारी की है। हालिया बर्फबारी के बाद बर्फ की परतों के खिसकने की प्रबल संभावना बनी हुई है। प्रशासन ने लोगों को हिदायत दी है कि वे नदी-नालों, नालों के मुहानों और हिमस्खलन संभावित रास्तों की ओर जाने से परहेज करें।
​10. स्वास्थ्य विभाग की विशेष ‘विंटर हेल्थ टीम’ काजा रवाना: निमोनिया और सांस के मरीजों पर नज़र
​काजा: स्पीति घाटी में बढ़ती ठंड के कारण बच्चों और बुजुर्गों में निमोनिया, सर्दी-जुकाम और सांस की तकलीफ की शिकायतें बढ़ने लगी हैं। स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आज काजा अस्पताल के लिए दवाओं का अतिरिक्त स्टॉक और विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक विशेष टीम रवाना की है। अस्पताल को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है।
​11. लाहौल के पारंपरिक ‘तंदूर’ बने जीने का सहारा: घरों के भीतर सिमटी गतिविधियां
​केलांग: तापमान के तेजी से गिरने के बाद लाहौल और स्पीति के ग्रामीण इलाकों में बाहरी कामकाज लगभग ठप हो गया है। लोग अब घरों के भीतर अपने पारंपरिक लकड़ी के तंदूरों के पास बैठकर वक्त बिता रहे हैं। इस मौसम में स्थानीय लोग अपने पारंपरिक खान-पान जैसे ‘थुप्पा’ और ‘कौल’ का सेवन कर ठंड का मुकाबला कर रहे हैं।
​12. पर्यटन उद्योग पर मौसम की मार: सैलानियों ने रद्द की लाहौल-स्पीति की बुकिंग्स
​केलांग/काजा: अटल टनल के बंद होने और सड़कों पर पाबंदी लगने के बाद लाहौल-स्पीति के पर्यटन व्यवसाय को बड़ा झटका लगा है। घाटी के होमस्टे और होटलों में आने वाले सैलानियों ने मौसम की अनिश्चितता और रास्तों के बंद होने के डर से अपनी एडवांस बुकिंग्स रद्द कर दी हैं। स्थानीय पर्यटन व्यवसायियों ने उम्मीद जताई है कि मौसम साफ होते ही पर्यटन फिर से पटरी पर लौटेगा।
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