शिमला, सुरेंद्र राणा:मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोमवार को पीटरहॉफ, शिमला में आयोजित स्वच्छ शहर, समृद्ध शहर के तहत सिटीजन कनेक्ट प्रोग्राम के द्वितीय चरण का शुभारंभ करते हुए कहा कि आत्मनिर्भरता के पथ पर अग्रसर हिमाचल प्रदेश निरंतर सकारात्मक परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। बढ़ती जनसंख्या, शहरीकरण और नागरिकों की उभरती आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार शहरी विकास की नई, समावेशी और टिकाऊ दिशा निर्धारित कर रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राजीव गांधी लघु दुकानदार सुख कल्याण योजना, 15 म्युनिसिपल शेयर्ड सर्विसेज सेंटर, 9 ऑनलाइन सर्विस, मुख्यमंत्री शहरी डिजिटल पहचान योजना, स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत पुरस्कार योजना, सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट-हमीरपुर एवं शिमला तथा शहरी विकास विभाग में हाइड्रोलिक पार्किंग का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने राजीव गांधी लघु दुकानदार सुख कल्याण योजना के लाभार्थियों को सेटलमेंट लेटर तथा अमृत मित्र योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों को अवार्ड लेटर प्रदान किए। उन्होंने सराहनीय कार्य के लिए शहरी स्थानीय निकायों को पुरस्कृत भी किया। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में शहरी विकास विभाग ने चार संस्थाओं तथा उपक्रमों के साथ विकास कार्यों के दृष्टिगत समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर भी किए।
मुख्यमंत्री ने शहरी विकास विभाग की सराहना करते हुए कहा कि शहरी निकायों में एक ही पोर्टल पर सभी जन सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। हिम सेवा सुविधा पोर्टल इस तरह की सेवाएं प्रदान करने वाला देश में सबसे अनूठा प्रयास है। सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि शिमला सब्जी मंडी में लगभग 400 करोड़ रुपये की लागत से शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा। हमीरपुर में शहर के सौंदर्यीकरण के लिए 150 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। हमीरपुर में ओल्ड बस स्टैंड के स्थान पर आधुनिक शैली से शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहरी विकास विभाग के तहत प्रदेश सरकार की ओर से अनुमोदित 707 करोड़ की योजनाएं शीघ्र ही कार्यान्वित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही शिमला शहर में 500 करोड़ रुपये की लागत से अतिरिक्त सुविधाओं का विकास किया जाएगा। नगर निगम शिमला क्षेत्र की तर्ज़ पर प्रदेश की अन्य नगर निगम क्षेत्र में यूटिलिटी डक्ट बनाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि बद्दी के समीप बनाए जाने वाले विश्व स्तरीय हिम चंडीगढ़ शहर के दृष्टिगत शीघ्र ही कंसल्टेंट नियुक्त किया जाएगा। सीएम ने कहा कि बद्दी-चंडीगढ़ की सीमा पर यह शहर बसाया जाएगा। 3,400 बीघा जमीन हाउसिंग बोर्ड के नाम कर दी है। 3,700 बीघा और जमीन सरकार की है, उसे भी राज्य के नाम किया जाएगा। 10 हजार बीघा का जंगल है, जिससे छेड़छाड़ नहीं होगी। इसके अलावा तीन पंचायतों की भूमि भी है। कुछ पंचायत लैंड पूलिंग के जरिये भूमि देने को तैयार है, कुछ भूमि का सरकार अधिग्रहण करेगी।
