सचिवालय के बाहर दृष्टिहीन जन संगठन ने किया चक्का जाम

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शिमला, सुरेन्द्र राणा: अपनी लंबित मांगों को लेकर सोमवार को दृष्टिहीन जन संगठन ने सचिवालय के बाहर चक्का जाम किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। दृष्टिबाधित जनसंगठन के सदस्य मांगों के समर्थन में कड़ाके की ठंड में भी धरने पर डटे हुए हैं। आश्वासन के बावजूद सुनवाई न होने से नाराज जनसंगठन के सदस्य सुबह 10 बजे सचिवालय के बाहर पहुंचे। इस दौरान प्रदेश भर से आए दृष्टिबाधितों ने इसमें भाग लिया। इसमें उनके परिजन भी शामिल रहे।चक्का जाम के कारण छोटा शिमला सड़क मार्ग पर यातायात भी प्रभावित रहा। लोग घंटों जाम में फंसे रहे। इस दौरान दोनों तरफ जाम लगा रहा। दृष्टिबाधित जनसंगठन के पदाधिकारी का कहना है कि उनकी मांगें वर्षों से लंबित हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। हालांकि इस दौरान उन्हें 7 जनवरी यानी बुधवार को एडिशनल चीफ सैक्रेटरी सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग के साथ वार्ता करने का आश्वासन दिया गया। ऐसे में जनसंगठन ने फैसला लिया है कि इस वार्ता के बाद ही आगे की रणनीति बनाई जाएगी804 दिनों से धरने पर दृष्टि बाधितदृष्टिहीन जनसंगठन के सदस्य राजेश ठाकुर ने कहा कि सचिवालय के बाहर रोजाना 5 दिव्यांग धरने पर बैठ रहे हैं और कड़ाके की ठंड के बावजूद उनका आंदोलन जारी है। वहीं कालीबाड़ी मंदिर के पास बैठे सदस्यों को 804 दिन पूरे हो चुके हैं।वर्षों से दिव्यांग कोटे के पद नहीं भरे गएराजेश ठाकुर ने कहा कि वर्ष 1995 से दिव्यांगों के चतुर्थ श्रेणी के बैकलॉग पद अब तक नहीं भरे गए हैं। कोटे के तहत शिक्षा, वन, लोक निर्माण और जलशक्ति विभागों में चतुर्थ श्रेणी के पद भरे जाने चाहिए। उन्होंने सरकार से दिव्यांग पैंशन को 1,700 बढ़ाकर 5,000 रुपए करने की मांग की है। उन्होंने सरकार पर सहारा योजना और बस पास को खत्म करने के आरोप लगाए और कहा कि संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। अब मुख्यमंत्री के सरकारी आवास ओकओवर का घेराव किया जाएगा।

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