शिमला में मनरेगा का नाम बदलने के ख़िलाफ़ मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कांग्रेस का शांतिपूर्वक धरना

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शिमला, सुरेंद्र राणा: केंद्र सरकार की ओर से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम का नाम बदलने के विरोध में सोमवार को कांग्रेस ने शांतिपूर्ण सत्याग्रह किया. शिमला में रिज पर लगी महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, हिमाचल कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार समेत अन्य मंत्रियों और विधायकों ने शांतिपूर्वक धरना देकर विरोध दर्ज करवाया. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि भाजपा बदले की भावना के साथ-साथ बदलने की भावना से काम कर रही है. भाजपा सरकार देश के इतिहास से छेड़छाड़ कर रही है. कांग्रेस के शासनकाल में शुरू की गई जनकल्याणकारी योजनाओं को नाम बदलने के साथ उनमें संशोधन करके कमजोर करने का काम किया जा रहा है.

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि मनरेगा का नाम बदलना भाजपा की संकीर्ण सोच को दर्शाता है. मनरेगा का सिर्फ नाम ही नहीं बदला, बल्कि इसकी गारंटी को भी सरकार ने खत्म कर दिया है. केंद्र सरकार देश से महात्मा गांधी की पहचान मिटाने का काम कर रही है. यही कारण है कि कांग्रेस के समय में शुरू मनरेगा योजना से उन्होंने महात्मा गांधी का नाम हटा दिया.

वहीं, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि मनरेगा का नाम बदलना देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का अपमान है. केंद्र सरकार को गांधी सरनेम से दिक्कत है, इसलिए मनरेगा का नाम बदला गया. यह कानून गरीबों को कुचलने और उन्हें दबाने के लिए है. मनरेगा सिर्फ योजना नहीं थी, यह अधिकारों का सिद्धांत था. मुकेश अग्निहोत्री ने केंद्र सरकार की मंशा पर भी सवाल खड़े किए.

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