धर्मशाला, सुरेन्द्र राणा: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीत सत्र में करुणामूलक नौकरियों के सवाल पर मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच खूब नोकझोंक हुई। मुख्यमंत्री सुक्खू और नेता विपक्ष जयराम ठाकुर इस मामले पर कई बार आमने-सामने हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व सरकार ने अपने कार्यकाल में करुणामूलक वर्ग के लिए कुछ नहीं किया। अब सदन में राजनीति की जा रही है। प्रदेश सरकार ने आय सीमा को ढाई लाख से बढ़ाकर तीन लाख किया है। इस आधार पर दिसंबर तक मिलने वाले प्रस्तावों को नौकरियां देने में प्राथमिकता दी जाएगी।
लंबित मामलों पर बाद में विचार करने की मुख्यमंत्री ने बात कही। इस पर नेता विपक्ष ने पलटवार करते हुए कहा कि सीएम का बयान गलत है। पूर्व सरकार के समय में करुणामूलक आधार पर सबसे अधिक नौकरियां दी गईं। प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक दीपराज ने मामला उठाते हुए कहा कि आय सीमा ढाई लाख होने के चलते करुणामूलक नौकरियों के लिए आवेदन करने वाले 2,554 केस सरकार ने रिजेक्ट कर दिए हैं। अब आय सीमा तीन लाख हो गई है तो इन मामलों पर भी विचार होना चाहिए।
