धर्मशाला, सुरेन्द्र राणा: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान आपदा को लेकर चर्चा जारी रही। इस दौरान सत्ता पक्ष के विधायकों ने सरकार की ओर से किए कार्यों को गिनाया, तो वहीं विपक्ष के सदस्यों ने आपदा राहत में जमीनी स्तर पर कार्य नहीं होने का आरोप लगाया। आपदा को लेकर लाई चर्चा के दौरान भाजपा विधायक प्रकाश राणा ने 1 रुपया वेतन लेने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जब तक राज्य की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं हो जाती, तब तक वह एक रुपया वेतन लेंगे। उनकी इस घोषणा का विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष ने भी स्वागत किया। विधायक प्रकाश राणा ने कहा कि राज्य को अब आय के स्त्रोत बढ़ाने होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर सरकार अपने आय के स्त्रोत नहीं बढ़ा सकती तो अपने खर्चों को कम करे। उन्होंने सरकार को अपने आय के साधन को जुटाने का सुझाव भी दिया तथा कहा कि सरकार का काम प्रदेश को आर्थिक संकट से उबारना है।राणा ने कहा कि किसी भी तरह की बहानेबाजी नहीं चलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी ने गलत किया है तो कार्रवाई करें। कर्जे में डूबते हुए हिमाचल की चिंता जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि हिमाचल का कर्जे ने बेड़ा गर्क कर दिया है। उन्होंने कहा कि सभी सीएम के कार्यकाल में लिए कर्जे का ब्यौरा दिया जाए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 और की आपदा में उनके हलके की कई पंचायतों को भारी नुक्सान हुआ। 2023 की आपदा का मलबा अभी भी सड़कों पर पड़ा है। उन्होंने सवाल किया कि 2023 की आपदा राहत के लिए साढ़े 4 हजार करोड़ के पैकेज का क्या हुआ। 8 से 10 माह में 2,900 टेंडर लगाए हैं, वहां पर इस तरह का भ्रष्टाचार हो रहा है।
