सिरमौर: जिला सिरमौर के नाहन सिथित प्रदेश की बड़ी केंद्रीय आदर्श कारागार नाहन एक बार फिर सुर्खियों में है। बीते दिनों दो कैदियों की मौत के बाद एक बार फिर केंद्रीय आदर्श कारागार नाहन से आजीवन कारावास की सजा काट रहे एक क़ैदी के फरार होने का समाचार मिला है। प्राप्त जानकारी के अनुसार हरियाणा के शाहाबाद निवासी हरीश कुमार जिसकी उम्र लगभग 65 वर्ष है, वह कारागार के खुले परिसर (ओपन जेल) से फरार हो गया है। जानकारी के मुताबिक फरार कैदी हरीश हत्या के जुर्म में पिछले 20 वर्षों से सज़ा भुगत रहा था। आधिकारिक बयान के अनुसार उसका बेहतर चरित्र देखते हुए आजीवन कारावासी को बंद जेल से खुले में मंदिर पूजा में नियुक्त किया गया था। वह पिछले छह महीने से जेल परिसर के मंदिर में सेवा कर रहा था।
शाम की रोल कॉल के समय कैदी अनुपस्थित पाया गया, जिसके बाद जेल में हडक़ंप मच गया। जेल परिसर में खोजबीन करने के बाद कैदी को फरार घोषित कर दिया गया। जेल प्रशासन द्वारा कैदी के फरार होने की सूचना नाहन पुलिस को दे दी गई है। हैरानी तो इस बात की है कि फरार हुए कैदी की प्रीमेच्योर रिलीज (समय से पूर्व रिहाई) के लिए फाइल भी लगी हुई थी, यही नहीं, कैदी की छुट्टी के लिए पैरोल भी मंजूर हो रखी थी, बावजूद इसके कैदी फरार हो गया। गौर हो कि कि आदर्श केंद्रीय कारागार में बेहतर आचरण वाले तथा जिनकी जेल की कैद आधी से ज्यादा पूरी हो चुकी होती है, उन्हें खुली जेल में कार्य करने की अनुमति दी जाती है। हैरानी की बात तो यह है कि खुले परिसर में काम करने वाले कैदियों में अभी तक कोई भी कैदी फरार नहीं हुआ था। यह पहला ऐसा मामला है जिसमें अपनी सज़ा के 20 वर्ष भुगतने के बाद भी कैदी फरार हो गया है। उधर, मामले की पुष्टि करते हुए जेल अधीक्षक भानु प्रकाश शर्मा ने बताया गया कि 65 वर्षीय आजीवन कारावासी हरीश फिलहाल फरार है। उन्होंने बताया कि फरार आरोपी की सूचना पुलिस को दे दी गई है।
